GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

पर्यावरण का रखे ध्यान, खरीदें eco-friendly गणपती बप्पा

Neha Dogra

30th August 2019

अगर आपको है देश की चींता तो इस बार गणेश चतुर्थी पर केमिकल से बनी बप्पा मूर्तियों को कहें बाय-बाय, ताकी विसर्जन करने पर हमारी नदियों और समुद्रों का पानी दूषि‍त न हो।

गणेश उत्सव शुरू हो चुका है और ऐसे में सभी भक्तों ने गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां खूब धूमधाम के साथ की। हर साल भक्त कुछ अलक करने की कोशिश करते हैं और अगर आप भी उन्हीं में से हैं और गणपति बप्पा के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। तो एक बात का ध्यान रखिए और वो है हमारे पर्यावरण का। इस बार की गणेश चतुर्थी को मनाईएं इको फ्रेंडली तरीके से, कैसे? आइए जानते है। 
 
इस बार इको फ्रेंडली गणेश जी हैं घर पर। 
यह सभी जानते हैं कि गणेश चतुर्थी वाले दिन गणपति बप्पा की मूर्ती का विसर्जन नदियों और समुंद्र में किया जाता है, जिससे पानी दूषित हो जाता है। लेकिन इस बार लोग  इको फ्रेंडली गणेश मूर्ती का विसर्जन समुद्रों में करेंगे तो वह दूषित नहीं होगा। साथ ही पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा।  
कैसी होती है इको फ्रेंडली मूर्ति ?
1.चावल के एकदंतधारी- इस बार गणेश चतुर्थी पर चावल के गणपति बनाएं, चावलों को चौकी पर अपने हाथों से रखें और उन्हें गणपति का आकार दें और फिर इसी की पूजा करें। जब आप इनका विसर्जन करेंगे, तो यह वातावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
ganesh
चावल के एकदंतधारी

 

2.फूलों के बप्पा- अगर आप चावलों के गणपति नहीं बनाना चाहते तो बप्पा के स्वरूप को फूलों से भी बना सकते हैं। यह उन लोगों के लिए अच्छा उपाय है, जो गणेश चतुर्थी पर एक ही दिन के लिए बप्पा को स्थापित करते हैं। फूलों से तैयार गणपति का विसर्जन करने से भी वातावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। पानी में विसर्जन के अलावा आप इन्हें गमलों में भी रख सकते हैं।
फूलों के बप्पा-
फूलों के बप्पा

 

3.मिट्टी के गणपति- गणेश चतुर्थी पर मिट्टी के गणपति बनाने से भी कोई नुकसान नहीं होगा। क्योंकि वह पानी में जाते ही घुल जाएगी। कोशिश करें की आप खुद यह मुर्ती बनाएं। आप इंटरनेट पर मिट्टी की मूर्ती बनाने के सरल तरीके देख सकते हैं। 
मिट्टी के गणपति
मिट्टी के गणपति

 

4.ड्राई फ्रूट- सिर्फ इतना ही नहीं इस बार लोगों  ने ड्राई फ्रूट से भी गणपति बप्पा की प्रतिमा बनाई  है. वो इसलिए क्योंकि  जब आप विसर्जन करेंगे तो वह पानी में जमा होने के बावजूद मछलियों के खाने में परिवर्तित हो जाएगा और इससे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा। 
ड्राई फ्रूट के गणेशा

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

default

इन पांच शहरों में मनाई जाती है धूमधाम से...

default

जाने कहां है गणेश जी की सबसे ऊंची प्रतिमा...

default

गणेश चतुर्थी पर इस खास चीज को चढ़ाना न भूलें,...

default

जानिए भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अर्थ...