GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

नवजात शिशु को संभालने में रखें इन बातों का ख्याल

संविदा मिश्रा

5th September 2019

नवजात के जन्म के साथ ही जन्म लेती हैं कुछ नई जिम्मेदारियां, और उन्हें बखूबी निभाना उसके पैरेंट्स का एक मात्र लक्ष्य होता है। यदि आपके घर में भी नवजात शिशु है तो कुछ बातों का ध्यान रखकर शिशु की अच्छी देखभाल की जा सकती है।

नवजात शिशु को संभालने में रखें इन बातों का ख्याल
घर में एक बच्चे का जन्म उसके माता-पिता के अलावा अन्य लोगों के लिए भी कुछ ख़ास होता है।  बच्चे के जन्म के साथ ही घर में गूंजने लगती हैं उसकी किलकारियां और पूरा माहौल खुशनुमा हो जाता है। इसके साथ ही शुरू हो जाती हैं कुछ हिदायतें ,कुछ सुझाव और कुछ नई  ज़िम्मेदारियां जो नवजात से जुडी हुई होती हैं। ये पल उन पैरेंट्स के लिए और ज्यादा खास होता है जो पहली बार पैरेंट्स बनने के सुख की अनुभूति कर रहे होते हैं क्योंकि वो बच्चे से जुड़ी बहुत सी बातों से अंजान होते हैं। यही वजह है की नवजात का पालन पोषण पैरेंट्स के लिए थोड़ा चुनौती भरा भी होता है। नवजात शिशु को संभालने के लिए आपको कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। 
  • यदि आपने पहले कभी नवजात शिशुओं को नहीं संभाला है तो ये थोड़ा सा चुनौती भरा हो सकता है। नवजात शिशु का  इम्यून सिस्टम ज्यादा स्ट्रांग नहीं होता है इसलिए उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। शिशु को छूने से पहले अपने हाथों को साबुन या हैंडवाश से अच्छी तरह धो लें इसके अलावा सैनिटाइज़र का उपयोग भी कर सकते हैं।
  • बच्चे को गोद में उठाते समय ध्यान रखें कि बच्चे के सिर और गर्दन को सहारा दें। एक हाथ उसके सर के नीचे और दूसरे से बच्चे के बैक साइड में सपोर्ट दें। कोशिश करें की नवजात को दोनों हाथों के सपोर्ट से पकड़ें।  
  • नवजात शिशु को कभी भी तेजी से हिलाएं नहीं, चाहे खेल में या किसी और कारणवश नवजात को तेजी से हिलाने से मस्तिष्क में रक्तस्राव हो सकता है और इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।  यदि आपको अपने शिशु को ब्रेस्ट फीड के लिए जगाना है  तो उसे हिलाकर जगाने की बजाय बच्चे के पैरों को गुदगुदी करें या एक गाल पर धीरे से झटका दें।
  • शिशु के  प्रैम और झूले का अच्छी तरह निरीक्षण कर लें कि उसका बेल्ट ठीक से बंधा है या उसके व्हील्स ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। बच्चे को ज्यादा उछाल वाली जगह पर ले जाने से बचें। 
  • बच्चे का डायपर थोड़ी -थोड़ी देर में बदलते रहें।  ज्यादा देर तक एक ही डायपर पहने रहने की वजह से बच्चे को रैशेस हो सकते हैं और यूरिन इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।  
  • बच्चे को समय -समय पर कंधे से लगाकर डकार दिलाते रहें इससे गैस की समस्या नहीं होगी और बच्चे को सही समय में  भूख भी लगती रहेगी। 

ये भी  पढ़ें

अगर नवजात शिशु कर रहा है दूसरी महिला से ब्रेस्टफीडिंग तो रखें इन बातों का ध्यान

बच्चों के बेडटाइम को बनाएं लर्निंग टाइम

पेरेंट्स में स्ट्रेस के क्या हैं मुख्य कारण 

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

default

अब शिशु का डायपर चेंज करना हुआ आसान

default

बच्चे के जन्म के लिए चुनें सही जगह

default

गर्भावस्था के दौरान आने वाले विभिन्न सपनों...

default

बेबी की अच्छी नींद के लिए रखें इन बातों का...