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जानिए भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अर्थ

Yashodhara

6th September 2019

भगवान गणेश के 108 नाम को गणेश नामावली कहते है, जिसका जाप करने से श्री गणेश भक्तों की सभी समस्याओं का समाधान करते हैं

जानिए भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अर्थ
जी हां, देवो के देवा कहलाने वाले वाले भगवान गणेश कई सारे उपनामों से जाने जाते हैं, लेकिन बप्पा के ऐसे बहुत कम ही भक्त हैं, जो इन सारे नामों से परिचित हैं। ऐसे में आज हम आपको भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अर्थ बताने जा रहे हैं। असल में, भगवान गणेश के 108 नाम को गणेश नामावली कहते है, जिसका जाप करने से श्री गणेश भक्तों की सभी समस्याओं का समाधान करते हैं, तो चलिए जानते हैं भगवान गणेश के 108 नाम और उनके अभिप्राय के बारे में।
1.बालगणपति- सबसे प्रिय बालक
2.भालचन्द्र- जिसके मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हो
3.बुद्धिनाथ- बुद्धि के भगवान/स्वामी
4.धूम्रवर्ण- धूम्र यानी धुंए के रंग वाले
5.एकाक्षर- एकल अक्षर
6.एकदन्त- एक दांत वाले
7.गजकर्ण- हाथी की तरह आंखों वाले
8.गजानन- हाथी के समान मुँख वाले भगवान
9.गजवक्र- हाथी की सूंड वाले
10.गजवक्त्र- हाथी की तरह मुँह वाले
11.गणाध्यक्ष- सभी गणों के प्रमुख
12.गणपति- सभी गणों के मालिक
13.गौरीसुत- माता गौरी के पुत्र
14.लम्बकर्ण- लम्बे कान वाले 
15.लम्बोदर- बड़े पेट वाले
16.महाबल- अत्यधिक बलशाली 
17.महागणपति: देवो के देव
18.महेश्वर- सारे ब्रह्मांड के भगवान
19. मंगलमूर्त्ति- शुभ कार्य के देव
20.मूषकवाहन- मूषक की सवारी करने वाले
21.निदीश्वरम- धन और निधि के दाता
22.प्रथमेश्वर- सबसे पहले पूजे जाने वाले भगवान
23.शूपकर्ण- शूप के समान बड़े कान वाले 
24.शुभम- शुभकर्ता
25.सिद्धिदाता- इच्छाओं को पूरा करने वाले देव
26.सिद्दिविनायक-  सफलता के स्वामी
27.सुरेश्वरम: देवों के देव
28.वक्रतुण्ड: घुमावदार सूंड वाले
29.अखूरथ- जिनका सारथी मूषक है
30.अलम्पता- अनन्त देव
31.अमित- अतुलनीय प्रभु
32.अनन्तचिदरुपम-अनंत और व्यक्ति चेतना
33.अवनीश- सम्पूर्ण विश्व के प्रभु
34.अविघ्न- बाधाओं को हरने वाले
35.भीम- विशालकाय
36.भूपति- धरती के स्वामी
37.भुवनपति- संसार के मालिक
38.बुद्धिप्रिय- ज्ञान के दाता
39.बुद्धिविधाता- बुद्धि प्रदान करने वाले 
40.चतुर्भुज: चार भुजाओं वाले
41.देवादेव- सभी द्वताओं में सर्वोपरी
42.देवांतकनाशकारी- बुराइयों और असुरों के विनाशक
43.देवव्रत- सबकी तपस्या स्वीकार करने वाले
44.देवेन्द्राशिक- सभी देवताओं की रक्षा करने वाले
45.धार्मिक- धर् को मानने वाले
46.दूर्जा- अपराजित देव
47.द्वैमातुर- दो माताओं वाले
48.एकदंष्ट्र- एक दांत वाले
49.ईशानपुत्र- भगवान शिव के पुत्र
50.गदाधर- गदा को शस्त्र के रूप में धारण करने वाले
51.गणाध्यक्षिण- सभी पिंडों के नेता
52.गुणिन- सभी गुणों से सम्पूर्ण
53.हरिद्र- स्वर्ण के रंग वाले
54.हेरम्ब- माँ का प्रिय पुत्र
55.कपिल-पीले भूरे रंग वाला
56.कवीश- कवियों के स्वामी
57.कीर्त्ति- यश के स्वामी
58.कृपाकर- कृपा करने वाले
59.कृष्णपिंगाश- पीली भूरी आंखवाले
60.क्षेमंकरी- माफी प्रदान करने वाला
61.क्षिप्रा- आराधना के योग्य
62.मनोमय- दिल जीतने वाले
63.मृत्युंजय- मौत पर विजय पाने वाले
64.मूढ़ाकरम- जिन्में खुशी का वास होता है
65.मुक्तिदायी- मुक्तिप्रदान करने वाले
66.नादप्रतिष्ठित- जिसे संगीत प्रिय हो
67.नमस्थेतु- सभी बुराइयों और पापों पर विजय प्राप्त करने वाले
68.नन्दन- भगवान शिव के पुत्र
69.सिद्धांथ- सफलता और उपलब्धियों की गुरु
70.पीताम्बर- पीले वस्त्र धारण करने वाला
71.प्रमोद:- आनंदकारी
72.पुरुष -अद्भुत व्यक्तित्व
73.रक्त- लाल रंग वाले
74.रुद्रप्रिय भगवान शिव के चहीते
75.सर्वदेवात्मन- सभी स्वर्गीय प्रसाद के स्वीकार्ता
76.सर्वसिद्धांत- कौशल और बुद्धि के दाता
77.सर्वात्मन- ब्रह्मांड की रक्षा करने वाला
78.ओमकार- ओम के आकार वाला
79.शशिवर्णम- जिसका रंग चंद्रमा को भाता हो
80.शुभगुणकानन- जो सभी गुण के गुरु हैं
81.श्वेता- जो सफेद रंग के रूप में शुद्ध है
82.सिद्धिप्रिय- इच्छापूर्ति वाले
83.स्कन्दपूर्वज- भगवान कार्तिकेय के भाई
84.सुमुख- शुभ मुख वाले
85.स्वरुप- सौंदर्य के प्रेमी
86.तरुण- जिसकी कोई आयु न हो
87.उद्दण्ड- शरारती
88.उमापुत्र- पार्वती के बेटे
89.वरगणपति:- अवसरों के स्वामी
90.वरप्रद- इच्छाओं और अवसरों के अनुदाता
91.वरदविनायक- सफलता के स्वामी
92.वीरगणपति- वीर प्रभु
93.विद्यावारिधि- बुद्धि की देव
94.विघ्नहर- बाधाओं को दूर करने वाले
95.विघ्नहर्त्ता: बाधाओं को हरने वाले
96.विघ्नविनाशन- बाधाओं का अंत करने वाले
97.विघ्नराज- सभी बाधाओं के मालिक
98.विघ्नराजेन्द्र- सभी बाधाओं के भगवान
99.विघ्नविनाशाय- सभी बाधाओं का नाश करने वाला
100.विघ्नेश्वर- सभी बाधाओं के हरने वाले भगवान
101.विकट- अत्यंत विशाल
102.विनायक- सब का भगवान
103.विश्वमुख- ब्रह्मांड के गुरु
104.विश्वराजा- संसार के स्वामी
105.यज्ञकाय- सभी पवित्र और बलि को स्वीकार करने वाला
106.यशस्कर- प्रसिद्धि और भाग्य के स्वामी
107.यशस्विन- सबसे प्यारे और लोकप्रिय देव
108.योगाधिप- धयान के प्रभु

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