GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

शिशु का जन्म व उसके बाद होने वाली जटिलताएँ

गृहलक्ष्मी टीम

13th September 2019

शिशु के जन्म के दौरान और कभी-कभी जनम के बाद भी उभर सकती हैं जटिलताएं-

शिशु का जन्म व उसके बाद होने वाली जटिलताएँ

इनमें से कई समस्याएँ प्रसव या डिलीवरी से पहले सामने नहीं आतीं इसलिए आप भी उन्हें पहले से पढ़कर चिंतित न हों। ये परेशानियाँ शिशु जन्म के बाद होती हैं। यहाँ इन्हें इसलिए दिया गया है ताकि आपको इनमें से कोई दिक्कत हो तो आपको उसके बारे में पूरी जानकारी हो।

फैटल डिसट्रेस

यह क्या हैजब गर्भाशय में शिशु के पास ऑक्सीजन की भरपाई नहीं होती तो इसे फैटलडिसट्रेस कहते हैं ऐसा प्रसव से पहले या इसके दौरान हो सकता है। ऐसा अनियंत्रित मधुमेह,प्रीक्लैंपसिया, एम्नियोटिक द्रव्य की कम या अधिक मात्रा, गर्भानाल के घटने या बढ़ने या माँ द्वारा रक्त नलिकाओं पर दबाव पड़ने की स्थिति में ऐसा हो सकता है। इससे शिशु को ऑक्सीजन की कम मात्रा मिलने लगती है। ऑक्सीजन की घटी मात्रा या शिशु की हृदयगति से तत्काल सी-सैक्शन करना पड़ता है वरना उसके लिए खतरा बन सकता है।

यह कितना सामान्य हैहर 100 में से 1 मामला ऐसा हो ही जाता है।

इसके संकेत  लक्षण क्या हैंयदि शिशु को पूरी तरह ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो उसकी हृदय गति घट जाएगी, उसकी हलचल में कमी आएगी तथा वह डिलवरी के समय गर्भाशय में ही मल (मैकोनियम) कर देगा।

आप  आपके डॉक्टर क्या कर सकते हैं? यदि शिशु के हलचल में कमी महसूस हो तो अपने डॉक्टर को बताएँ। अस्पताल में फैटल मॉनीटर की मदद से जांच होगी। यदि इसके लक्षण हुए तो आपको ऑक्सीजन दी जाएगी व आई बी. लगाया जाएगा ताकि शिशु की हृदय गति सामान्य हो सके। बाईं ओर लेटने से भी रक्त नलिकाओं पर दबाव घटेगा। यदि ये तकनीकें काम न आईं तो डिलीवरी करनी होगी।

 कॉर्ड प्रोलैप्स

यह क्या हैकॉर्ड प्रोलैप्स तब होता है, जब गर्भनाल सर्विक्स से फिसलकर, बर्थ कैनाल में आ जाती है। ऐसी अवस्था में डिलीवरी के दौरान शिशु को ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।

  यह कितना सामान्य है? 300 में से किसी एक मामले में ऐसा होता है, कुछ गर्भावस्था जटिलताओं से प्रोलैप्स का खतरा बढ़ जाता है।जिनमें हाइड्रमजिमोस, ब्रीच या प्रीमैच्योर डिलीवरी को शामिल कर सकते हैं। यह दूसरे जुड़वां की डिलीवरी के समय भी हो सकता है। यदि शिशु का सिर बर्थ कैनाल में सैट होने से पहले ही पानी की थैली फट जाए, तो भी खतरा बढ़ जाता है।

  इसके संकेत  लक्षण क्या हैंयदि यह नाल योनि तक आ जाए तो आप इसे देख सकती हैं या छू सकती हैं। यदि यह शिशु के सिर के नीचे दबेगी तो फैटल मॉनीटर पर फैटल डिस्ट्रेस के लक्षण दिखेंगे।

  आप  आपके डॉक्टर क्या कर सकते हैं? इस बारे में पहले से जानने का कोई उपाय नहीं है। फैटल मॉनीटर के बिना तो इस बारे में पता नहीं चल सकता। यदि आपको घर में ऐसा एहसास हो तो अपने हाथों व घुटनों के बल बैठें ताकि पेल्विक क्षेत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े।यदि वह योनि मार्ग से दिखे तो उसे साफ तौलिए से संभालें। अपने शरीर का निचला हिस्सा ऊंचा करके लेटें। डॉक्टर आपको आपकी अवस्था के हिसाब से किसी दूसरी मुद्रा में लेटने को कह सकते हैं। इसके बाद जल्दी से सी-सैक्शन करना होगा।

शोल्डर डिस्टोकिया

यह क्या हैइस अवस्था में लेबर या डिलीवरी के दौरान शिशु के दोनों कंधे मां की पेल्विक बोन में फंस जाते हैं व शिशु बर्थ कैनाल में नीचे की ओर जाने लगता है।यह कितना सामान्य हैऐसा अक्सर अधिक वजन वाले शिशुओं में होता है। अनियंत्रित या गैस्टेशनल मधुमेह से ग्रस्त माँओं को इस स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपकी डिलीवरी दिए गए समय के बाद भी न हो या आपके साथ पहले भी ऐसा हुआ हो तो दोबारा होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इन कारणों के न होने पर भी प्रसव के दौरान शोल्डर डिस्टोकिया हो सकता है।

इसके संकेत  लक्षण क्या हैंऐसी अवस्था अचानक ही प्रसव के दौरान पैदा होती है।

आप  डॉक्टर क्या कर सकते हैंमाँ के पेट पर दबाव देकर या उसकी स्थिति बदलकर कई तकनीकें अपनाई जाती हैं ताकि शिशु की सुरक्षित डिलीवरी हो सके।

क्या इससे बचाव हो सकता हैअपने वजन का ध्यान रखें। शिशु का वजन भी जरूरत से ज्यादा न बढ़ने दें। मधुमेह को नियंत्रित रखें।प्रसव के दौरान ऐसी पोजीशन बनाएं ताकि शोल्डर डिस्टोकिया की नौबत ही न आए।

सीरियस पैरीनियल टीयर्स

यह क्या हैजब डिलीवरी के दौरान शिशु का बड़ा सिर बाहर आता है तो योनि व गुदा मार्ग के बीच वाले हिस्से पर दबाव की वजह से कट आ सकते हैं।

फर्स्ट डिग्री टीयर्स में सिर्फ त्वचा फटती है। सैकेंड डिग्री टीयर्स में त्वचा के साथ योनि की मांसपेशियाँ भी फटती हैं लेकिन गंभीर टीयर्स में योनि की त्वचा, उत्तम व पैरीनियल की मांसपेशियाँ भी फटती हैं। इनसे प्रसव के बाद काफी तकलीफ होती है। तथा पेल्विक क्षेत्र से जुड़ी कई समस्याएं भी हो जाती हैं।गर्भाशय के मुख पर भी कट आ सकते हैं।

यह कितना सामान्य हैयोनिमार्ग से होनेवाली डिलीवरी में इसका थोड़ा बहुत खतरा तो होता ही है। हालांकि गंभीर किस्म के कट ज्यादा महिलाओं को नहीं लगते।

इसके संकेत  लक्षण क्या हैंरक्तस्राव होता है। जख्म भरने पर हल्की खारिश व दर्द होता है।

आप  डॉक्टर क्या कर सकते हैंऐसे कट में टांके लगा दिए जाते हैं। इसके लिए पहले लोकल एनस्थीसिया देते हैं। यदि चीरा लगा है तो कटि स्नान, आइसपैक, एंटीसैप्टिक स्प्रे, दवा व जख्म को खुली हवा में रखने से जल्दी आराम आ जाएगा।

क्या इससे बचाव हो सकता हैप्रसव से पहले कीगल व्यायाम व पैरीनियल की मालिश से उस हिस्से को ज्यादा बेहतर स्ट्रैच कर सकते हैं। प्रसव के दौरान गर्म सेंक व मालिश भी बेहतर रहेंगे।

यूटेराइन रप्चर

यूटेराइन की दीवार में यदि पहले किसी सर्जरी, सी-सैक्शन फायब्रायड रिमूवल की वजह से कमजोर बिंदु हो लेबर और डिलीवरी के दौरान उस हिस्से में चीरा आ सकता है। इससे पेट से अनियंत्रित रक्तस्राव होने लगता है तथा उस हिस्से की तरफ जाने लगता है, जहाँ से प्लेसेंटा पेट में प्रवेश करता है।

यह कितना सामान्य हैयदि किसी महिला को पहले सी-सैक्शन या यूटेराइन रप्चर न हुआ हो तो उसे ऐसी दिक्कत नहीं होती जो महिलाएँ सी-सैक्शन के बाद योनि मार्ग से डिलीवरी करवाती हैं या जिनमें भ्रूण की स्थिति या सामान्य प्लेसेंटा की जटिलता होती है, उनके लिए खतरा बढ़ जाता है। जिन महिलाओं के छः से अधिक बच्चे हों या वे मल्टीपल प्रेगनेंसी में हों,उनके लिए भी खतरा होता है।

इसके संकेत  लक्षण क्या हैंपेट में तेज दर्द होता है। फैटल मॉनीटर पर शिशु की घटती हृदयगति दिखने लगती है। माँ का रक्तचाप व हृदय गति घट जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ होती है तथा बेहोशी होने लगती है।

आप  डॉक्टर क्या कर सकते हैंयदि आप पहले सी-सैक्शन या सर्जरी करवा चुकी हैं, जिस दौरान यूटेराइन वॉल पूरी तरह काटी गई थी तो लेबर के सही तरीके का चुनाव करना होगा यदि ऐसा भयानक हो जाए तो सी-सैक्शन के बाद गर्भाशय की मरम्मत की जरूरत होती है व आपको संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं।

क्या इससे बचाव हो सकता हैजिन महिलाओं को इसका खतरा हो, उनके लिए फैटल मॉनीटरिंग जरूरी हो जाती है ताकि किसी भी जटिलता का पता लग सके। यदि वे पहले सी-सैक्शन के बाद योनि मार्ग से डिलीवरी कराने जा रही हैं तो उनका प्रसव आरंभ दवाओं से नहीं कराना चाहिए।

यूटेराइन इन्वर्ज़न

यह क्या हैऐसा तब होता है जब यूटेराइनवॉल टूट जाती है तथा अंदर वाला हिस्सा बाहर की ओर आ जाता है। कई बार यह सर्विक्स व योनि से भी बाहर को उभर आता है। हालांकि इसके सभी कारणों का पता नहीं चल सका लेकिन इसका इलाज न होने पर हेमरेज और सदमा लग सकता है। हालांकि ऐसा भी संभव नहीं कि कोई इसे देखने के बावजूद अनदेखा कर देगा व इलाज नहीं कराएगा।

यह कितना सामान्य हैऐसा 2000 में से किसी 1 मामले में होता है। यदि पिछली डिलीवरी में ऐसा हो चुका हो, या प्रसव का समय लंबा खिंच जाए, प्रीटर्म लेबर रोकने की दवाएँ दी जाएँ या पहले कई योनिमार्ग से डिलीवरी हो चुकी हो तो इसका खतरा बढ़ जाता है। यदि गर्भाशय जरूरत से ज्यादा ढीलाहो तो यह भी बाहर को आ सकता है या शिशु जन्म के तीसरे चरण में कॉर्ड को ज्यादा जोर से खींचा जाए।

इसके संकेत  लक्षण क्या हैं?

  •   पेट में दर्द
  •   तेज रक्तस्राव
  •   माँ को सदमे के संकेत
  •   कई बार गर्भाशय भी योनि से दिखने लगता है।

आप  डॉक्टर क्या कर सकते हैं ? खतरे के कारण पहचानने के बाद डॉक्टर को उनकी सूचना दें। यदि आपके साथ ऐसा हुआ तो डॉक्टर उस हिस्से को हाथों से सही जगह बिठाने की कोशिश करेगा तथा मांसपेशियों के संकुचन के लिए दवा देगा। यदि यह तरीका काम न आए तो सर्जरी करनी पड़ सकती है।आपको रक्त की कमी के लिए रक्त भी चढ़ाना पड़ सकता है। संक्रमण रोकने के लिए एंटीबायोटिक्स दिए जाएंगे।

क्या इससे बचाव हो सकता है? यदि आपको पहले भी ऐसा हो चुका है तो डॉक्टर को अवश्य बताएँ क्योंकि आपके लिए इसका ज्यादा खतरा हो सकता है।

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

default

प्लेसेंटा प्रीवीया और प्लेसेंटल एबरप्शन,...

default

प्रीटर्म प्रीमेच्योर रप्चर ऑफ मैम्ब्रेन को...

default

प्रेगनेंसी में क्या होता है कोरियोएमनिओनिटिस,...

default

दूसरी बार कर रही हैं प्रेगनेंसी प्लान तो...

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

कम हो गया है...

कम हो गया है अब...

‘‘मैंने सुना है कि आजकल एपिसिओटॉमी का चलन नहीं रहा...

सेक्स ना करन...

सेक्स ना करने के...

यूं तो हर इंसान अपने जीवन में सेक्स ज़रूर करता है,...

संपादक की पसंद

पूजा में बां...

पूजा में बांधा जाने...

किसी भी पूजा की शुरुआत या समाप्ति के बाद या फिर किसी...

इन हाथों में...

इन हाथों में लिख...

हर दुल्हन अपने होने वाले पति का नाम लिखवाना पसंद करती...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription