GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जब होने लगे प्रसव के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग

गृहलक्ष्मी टीम

14th September 2019

शिशु के जन्म के बाद होने वाली जटिलताएं-

जब होने लगे प्रसव के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग

प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव

यह क्या है?

 डिलीवरी के बाद होने वाला रक्तस्राव तो सामान्य है। लेकिन कई बार गर्भाशय जन्म के बाद इतना नहीं सिकुड़ता, जितना उसे सिकुड़ना चाहिए जिससे उस जगह से भारी रक्तस्राव होने लगता है, जहाँ से प्लेसेंटा जुड़ा था। यदि गर्भाशय में प्लेसेंटा का अंश रह जाए, तो भी ऐसा हो सकता है। इसकी वजह से डिलीवरी के फौरन बाद संक्रमण भी हो सकता है।

यह कितना सामान्य है? 

यह 2 से 4 प्रतिशत गर्भावस्था मामलों में होता है। यदि लंबे प्रसव काल के बाद, गर्भाशय जगह पर न आए मल्टीपल प्रेगनेंसी की वजह से ढीला पड़ गया हो शिशु बड़ा हो या एम्नियोटिक द्रव्य की अधिकता हो, प्लेसेंटा का आकार असामान्य हो, कोई फायब्रायड हो या डिलीवरी के समय माँ काफी कमजोर हो तो पोस्टपार्टम हेमरेज का खतरा हो सकता है।

  इसके संकेत व लक्षण क्या हैं? इसके निम्नलिखित संकेत हो सकते हैं :-

  •   लगातार कई घंटे तक भारी रक्तस्राव
  •   कुछ दिन बाद भी लाल रक्त स्राव होता रहे
  •   बड़े-बड़े थक्के निकलें
  •   पेट में निचले हिस्से में सूजन या दर्द बना रहे।
  •   खून की कमी की वजह से बेहोशी सिर चकराना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या पैदा हो सकती है।

 

  आप व आपके डॉक्टर क्या कर सकते हैं 

जब प्लेसेंटा की डिलीवरी हो जाएगी तो डॉक्टर जांच से पता लगाएँगे कि उसका कोई अंश भीतर तो नहीं रह गया। वे आपको पिटोसिन देंगे या गर्भाशय की मालिश करेंगे ताकि वह सिकुड़ जाए व रक्तस्राव ज्यादा न हो। स्तनपान कराने से भी गर्भाशय संकुचन में मदद मिलेगी। 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

default

प्लेसेंटा प्रीवीया और प्लेसेंटल एबरप्शन,...

default

डिलीवरी के बाद मां को हो सकता है संक्रमण...

default

शिशु का जन्म व उसके बाद होने वाली जटिलताएँ...

default

गर्भावस्था के 20वें सप्ताह में हो सकता है...