कार्तिक मास में न खाएं ये चीज़े, फॉलो कीजिए खानपान में ये नियम

गरिमा अनुराग

23rd October 2019

हिंदू धर्म का सबसे पावन महीना कार्तिक मास शरद पूर्णिमा से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। इस मास में होने वाले पूजा-पाठ की विशेष महत्ता है। इस महीने वातावरण में भी कई तरह के बदलाव होते हैं और इसलिए भी इस समय धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ खान पान के लिए भी कई नियम हैं जिन्हें हर किसी को जानना चाहिए। पढ़िए-

कार्तिक मास में न खाएं ये चीज़े, फॉलो कीजिए खानपान में ये नियम
1. बंद कर दें नॉन वेज
क्यूंकि ये हिंदु कैलेन्डर के अनुसार सबसे पावन और शुभ मास है, इसलिए इस समय जीवहत्या करना या मांस ग्रहण करना अच्छा नहीं माना जाता। लेकिन, वैज्ञानिक भी इस बात को सही मानते है कि इस साल के इस महीने में मांसहार नहीं खाना चाहिए क्योंकि इस समय कई जीव अपने प्रजन्न काल में होते हैं और कई बीमारियों से ग्रसित भी होते हैं। 
2. करेले को भी करें बाय
कार्तिक महीना आते-आते करेला पकने लगता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पके करेलों के बीच में बैक्टेरिया पनपने लगता है और इन्हें खाने से फूड पॉयज़निंग व दूसरी खाने से होने वाली बिमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। 
3. फ्रिज के पानी से रहें दूर
क्यूंकि इस महीने से ठंड की शुरूआत हो जाती है औऱ इस मौसम में फ्रिज का पानी पीना सर्दी खांसी की वजह बन सकता है। जिन लोगों को अस्थमा है उन्हें तो चिल्ड या खूब ठंडा पानी बिलकुल नहीं पीवा चाहिए।
आहार में शामिल करें ये चीज़े
1. खाएं काला नमक
इस महीने में गला जलना, एसिडिटी की समस्या बहुत आम होती है। ऐसे में काला नमक, गुड़ और सेंधा नमक का मिश्रण रोज़ रात में खाना पाचन के लिए अच्छा रहता है। 
2. दूध में मिलाएं गुड़
इस समय एक गिलास दूध में लगभग 50 ग्राम गुड़ मिलाकर पीने से सेहत अच्छी रहती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी बढ़ती है। 
3. जरूर खाएं गुड़
गुड़ शरीर को गर्माहट देता है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है। लेकिन कार्तिक महीने में गुड़ खाने इसलिए कहा जाता है कि ये शरीर को मौसम में बढ़ने वाले ठंडक से बचाता है, ब्लड प्रेशर बढ़ने नहीं देता और शरीर को प्रदूशण के प्रभाव से भी बचाता है।
4. तुलसी का करें इस्तेमाल 
ज्यादातर हिंदू घरों में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है, लेकिन इस मौसम में अगर आप तुलसी नियमित खाएं तो  प्रदूषण और बदलते मौसम, दोनों के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रख पाएंगे। मौसम में होने वाले बदलाव से इस मौसम में धूल के कण और बैक्टेरिया खाने-पीने की चीज़ों पर आसानी से पनपने लगते हैं, इसलिए घर में एक एक्सट्रा तुलसी का पौधा रखें और इसकी पत्तियां खाने की चीज़ों में डालकर रखें। 
5. नियमित बनाएं आटे का हल्वा
इस महीने कभी सुबह तो कभी शाम के नाश्ते में आटे का हल्वा बनाना अच्छा विकल्प होता है क्योंकि घी, इलायची, चीनी, किशमिश जैसी सामग्रियों से बना आटे का हल्वा शरीर को गर्माहट देता है। 

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