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अपनी डायट में शामिल करिए ये 5 सुपर सीड्स

गरिमा अनुराग

25th October 2019

अपनी डायट में शामिल करिए ये 5 सुपर सीड्स
ये तो लगभग सभी जानते हैं कि बीज पोषक तत्वों की खदान की तरह हैं। हो सकता है वो हमेशा स्वादिष्ट न दिखें, लेकिन उनमें छुपे पोषक तत्वों, एंटीऑक्सिडेंट्स, अच्छे फैट और फाइबर आफको पर्याप्त कारण दे रहे हैं कि आप इन्हें अपने खानपान में शामिल करें। 
आइए जानते हैं कौन-कौन से वो बीज हैं जिनके सेवन से आप रह सकती हैं हमेशा हेल्दी-
1. अलसी - 
अलसी को फ्लैक्स सीड और नॉर्थ इंडिया में कई जगह तीसी के नाम से भी जाना जाता है। ये महिलाओं के शरीर के लिए खासतौर से अच्छा है।इसमें मौजूद ओमेगा ढ्री फैट सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। अलसी के सेवन से ब्लड प्रेशर, कॉलेस्ट्रॉल और कैंसेर का खतरा घटता है। अलसी के सेवन से रक्त में शक्कर की मात्रा भी कम होती है, इसलिए इसे डायबिटीज़ जैसी बीमारी में भी फायदेमंद माना जाना है।
2. चिया 
चिया  का बीज मूल रूप से मेक्सिको में पाया जाता है और यह पुदीने की फैमिली से है। हमारे देश में लोग चिया  और सब्जा के बीज को लोग एक ही मान लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। चिया  शरीर  का बीज अपने औषधीय गुणों और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है। इसे एनर्जी बूस्टर की तरह भी देखा जाता है और इसी वजह से इसे एक समय इसे सैनिक और धावकों का खाना माना जाता था। 
चीया के बीज अच्छी त्वचा के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा को जवां बनाए रखने में भी सक्षम है। ये हृदय और पाचन तंत्र के लिए अच्छे हैं और हड्डियों को मजबूत करने में भी सहायक हैं. एक औंस चिया  के बीज में शरीर के लिए रोज़ाना जरूरी कैल्शियम की मात्रा का 18 प्रतिशत मौजूद है.
3. सब्जा -
सब्जा को कई जगह बेसिल, फालूदा या तुर्कमारिया भी कहा जाता है. इनका इस्तेमाल आयुर्वेद और चाइना में दवाइयों के लिए किया जाता है। ये वजन घटाने में, शरीर को ठंडा रखने में, रक्त में शुगर का लेवल कम रखने में सहायक है। ये एसिडिटी, गला जलना, कॉन्सिटिपेशन और अत्यधिक गैस जैसी परेशानियों को भी ठीक करता है। सब्जा के बीज में आयरन, विटामिन के और प्रोटीन की अधिकता होती है जिसकी वजह से ये बालों के लिए भी बेहद हेल्दी होते हैं। 
ध्यान रहे सब्जा के बीज के सेवन से प्रेगनेन्सी के दौरान और छोटे बच्चों के लिए हानिकारक होता है।
4. तिल-
तिल का सेवन हेस्दी हार्ट के लिए उपयुक्त है। मात्र सौ ग्राम तिल में 62 मिलिग्राम कैल्शियम मौजूद होता है। नियनित तिल के सेवन से हड्डियों, दांत व मांसपेशियों के लिए भी तिल फायदेमंद है। इस बीज को तो माइग्रेन से पीड़ित लोगों के दोस्त के जैसा है क्योकिं तिल में राइबोफ्लेविन की अधिकता होती है। राइबेफ्लेविन माइग्रेन की तीव्रता को कम करता है। 
5.सूरजमुखी (सनफ्लावर के बीज)-
सूरजमुखी के बीज में विटामिन ई की अधिकता होती है। नेशनल सनफ्लावर असोसिएशन के अनुसार 1 औंस सूरजमुखी के बीज में 76 फीसदी विटामिल ई की जरूरत पूरी हो जाती है। कई शोध इस ओर इशारा करते हैं कि यदि व्यक्ति विटामिन ई पर्याप्त मात्रा में सेवन करे तो उसे हॉदय रोगों से कम खतरा रहता है। 
सेलेनियम एक ऐसा पोषक तत्व है जो विटामिन ई के साथ मिलकर कोशिकाओं को नष्ट होने से रोकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 1 औंस सूरजमुखी के बीज में पुरुषों के लिए जरूरी सेलेनियम का  24 फीसदी और महिलाओं के लिए 31 फीसदी सेलेनियम मौजूद होता है। 
इसमें मौजूद फैट भी गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देता है। इतना ही नहीं सूरजमुखी के बीज में प्रोटीन और  विटामिन वी की भी अधिकता होती है।

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