GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

एक पिता ने ठानी जिद-म्हारी छोरियां छोरो से कम हैं के...बेटियो ने कर दिखाया

काजल लाल

21st December 2019

एक पिता ने ठानी जिद-म्हारी छोरियां छोरो से कम हैं के...बेटियो ने कर दिखाया

बिहार के बेगूसराय जिले की दो सगी बहनें शालिनी और निर्जला राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। स्वर्णिम सफलता का यह दौर अभी जारी है। पिता मुकेश स्वर्णकार ने दंगल फिल्म देखा और उसी से प्रेरित होकर अपनी बेटियों के लिए घर में ही अखाड़ा बना दिया। क

2016 में प्रदर्शित ‘दंगल' फिल्म में अभिनेता आमिर खान के डॉयलाग- म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के... ने मुकेश  पर ऐसा असर डाला कि उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को पहलवान बनाने की ठान ली।  मुकेश ने न केवल घर में अखाड़ा बनाया बल्कि खुद कोच बन शालिनी और निर्जला से भरपूर अभ्यास कराने लगे। आज उनकी बेटियां कुश्ती में बड़ा मुकाम हासिल कर चुकी हैं।

शालिनी ने सोनीपत (हरियाणा) और निर्जला ने मेरठ (उप्र) में हुई राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने में सफलता पाई। अब मुकेश ने बेटियों को बेहतर प्रशिक्षण दिलाने के लिए गोंडा, उत्तर प्रदेश स्थित नंदिनी नगर महाविद्यालय के कुश्ती प्रशिक्षण केंद्र में भेजा । वहां दोनों बहनों ने कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद बृज भूषण शरण सिंह, डॉ. रजनीश पांडे व प्रेमचंद यादव से प्रशिक्षण लिया।

गीता व बबीता फोगाट को मानती हैंआदर्श

हरियाणा की दंगल गर्ल पहलवान गीता और बबीता फोगाट ने रूढ़ियों की बेड़ियां तोड़ कुश्ती को जुनून बनाकर जिस तरह देश-दुनिया में नाम कमाया, उसी तर्ज पर दोनों बहनें दिनरात अभ्यास करती हैं। गीता-बबीता फोगाट को अपना आदर्श मानती हैं। पिता मुकेश के मार्गदर्शन के बाद दोनों बहनें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में गांव, जिले और सूबे का नाम रोशन कर रही हैं।  दोनों बहनों ने बताया कि पिता की इच्छा को जुनून बनाकर वे लगातार मेहनत कर रही हैं

पिता के लिए आसान नहीं था सफर

मुकेश बताते हैं कि बेटियों को पहलवान बनाने का सफर आसान नहीं था। जिले के सीमावर्ती और अति पिछड़े क्षेत्र में सामाजिक बेड़ियां पग-पग पर बाधक बनती रहीं, लेकिन उसकी परवाह न करते हुए मेहनत करता रहा। अब मेहनत ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मां पूनम देवी बताती हैं कि अगल-बगल वाले ताने देते हैं कि बेटी को पहलवान बना दिया, अब उनकी शादी कैसे करोगी? लेकिन मैं इसकी चिंता न करते हुए चाहती हूं कि मेरी बेटियां राज्य और देश का नाम रोशन करें।

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

दंगल देखकर ज...

दंगल देखकर जब पिता को लगा म्हारी छोरियां...

ग्रामीण भारत...

ग्रामीण भारत की महिलाओं के साहस को सलाम

जानिए क्यों ...

जानिए क्यों एक्टिंग नहीं, रेस्लिंग की दुनिया...

आमिर की इन ध...

आमिर की इन धाकड़ बेटियाें को शाहरुख हैं पसंद...

पोल

आपकी पसंदीदा हिरोइन

गृहलक्ष्मी गपशप

पहली बार घर ...

पहली बार घर रहे...

लाॅकडाउन से पहले अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी रीलीज़...

अनलाॅक 2 में...

अनलाॅक 2 में 31...

मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स ने कहा है कि जो डोमैस्टिक...

संपादक की पसंद

गुरु एक सेतु...

गुरु एक सेतु है,...

गुरु तो एक सेतु है, एक संभावना है। गुरु एक तरह की रिक्तता...

दिल जीत लेंग...

दिल जीत लेंगे जयपुर...

जयपुर को गुलाबी शहर कहा जाता है लेकिन ये महलों का शहर...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription