GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

लेखिका रश्मि बंसल का मानना है कि महिलाओं की कहानी में नज़ाकत और ताकत दोनों दिखती है

गरिमा अनुराग

1st January 2020

लेखिका रश्मि बंसल का मानना है कि महिलाओं की कहानी में नज़ाकत और ताकत दोनों दिखती है

आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी जगह बना चुकी हैं और अपने ज्ञान और अनुभव से अपने परिवार के साथ साथ समाज को भी बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं। इस साल की शुरूआत हम ऐसी ही महिलाओं से आपको रुबरू करा कर कर रहे हैं ताकि आप भी इनसे प्रेरणा ले सकें। लोगों को अपने व्यवसाय के प्रति सकारात्म रवैया समझाना हो, सेहत और खूबसूरती के बारे में सही जानकारी देने की कोशिश हो, किसी प्रांत के स्वाद की बारीकियां हो या सेलेब्रिटीज़ से लेकर आम लोगों को फिटनेस का सही अर्थ हो, इन महिलाओं ने समाज में अपनी जगह अपने तरीकों से बनाई है।

रश्मि बंसल का परिचय

रश्मि बंसल नॉन फिक्शन लेखिका हैं, उद्यमी हैं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखती हैं।  सिर्फ साल 2019 में ही उन्होंने एंटरप्रेन्योरशिप पर नौ किताबें लिखी हैं। उनकी पहली किताब, "स्टे हंगरी, स्टे फूलिश" में 25 एमबीए किए हुए उद्यमियों की सफलता के बारे में लिखा गया है और इस किताब की मार्केट में अब तक 5 लाख कॉपीज़ बिक चुकी हैं।

देश में किसी किताब के इतनी कॉपीज़ बिकना अपने आप में बड़ी उपलब्धी समझी जाती है।


1. पहले टच द स्काई, फिर शाइन ब्राइट...एक के बाद महिलाओं की उपलब्धियों पर लिखने की प्रेरणा कहां से मिली?

जवाब- महिलाओं की कहानी में ताकत भी है और नज़ाकत भी इसलिए महिलाओं की कहानियां लिखना मुझे आकर्षित करता है।

2. इन किताबों को लिखते हुए क्या आपने भी कुछ सीखा?

हां, इन किताबों को लिखते हुए मैंने ये सीखा कि एक महिला कोई भी मुकाम हासिल कर सकती है अगर उसमें विश्वास और साहस हो। हर समय दूसरों को खुश करना हमारे समाज का कायदा है, लेकिन जब महिला अपने सपनों को भी उतनी ही एहमियत दे तो जीने का असली अमदाज नज़र आता है।

3. नए साल में आप वुमनहुड को सेलिब्रेट करते हुए या महिलाओं से जुड़े किसी भी पहलु से जुड़ा किस तरह का रेजॉल्यूशन लेने वाली हैं?

जवाब-    मेरे हिसाब से महिलाओं की सबसे बड़ी जरूरत है खुद में आत्मविश्वास पैदा करना।  मैं महिला उद्यमियों की मेंटरशिप  प्रोग्राम से जुड़ी हुई हूं औऱ  इश क्षेत्र में  और युवतियों को भी अपनी किताबों और कहानियों के द्वारा अपने पैर पर खड़े होने की प्रेरणा देती रहूंगी। नए साल के लिए यही मेरा दृढ़  संकल्प है।

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

default

कोई ऐसा दिन नहीं है, जब मैं पढ़ती नहीं हूं-...

default

पंगत की लेखिका साई कोराने इस साल देश के विभिन्न...

default

क्या डॉ प्रियंका रेड्डी को इंसाफ मिल पायेगा?...

default

कभी भी

पोल

सबसे अछि दाल कौन सी है

गृहलक्ष्मी गपशप

सुख शांति बन...

सुख शांति बनाए रखनी...

कई बार ऐसा होता है कि घर में रखी बहुत सी सीआई चीज़ें...

आलिया भट्ट क...

आलिया भट्ट कि तरह...

लॉकडाउन में लगभग सभी सेलेब्स घर पर अपने परिवार के साथ...

संपादक की पसंद

क्या है  COV...

क्या है COVID-19...

दुनियाभर में कोरोना वायरस का मुद्दा बना हुआ है। हर...

लॉकडाउन के द...

लॉकडाउन के दौरान...

आज देश की स्थिति कोरोना की वजह से बेहद चिंताजनक हो...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription