GREHLAKSHMI

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मुझे माफ़ कर...

मुझे माफ़ कर देना- भाग 2

फिल्म और साहित्य को लेकर वह अक्सर बातें करता था। विशेषकर वे बातें जो स्त्री-पुरुष के बीच की अंतरंग बातों को व्याख्यायित करती थीं। मेरे...

प्रतीक्षित ल...

प्रतीक्षित लम्हा- भाग 2

वह उन्हें देख कर कह उठे- 'भावी! कितनी प्यारी है ये पहाडिय़ां और कितनी सुंदर है इन पर बर्फ से ढकी चादर। बिल्कुल तुम्हारी तरह। जी चाहता...

प्रतीक्षित ल...

प्रतीक्षित लम्हा- भाग 1

आज भीड़ में भी जैसे अकेलेपन का एहसास होने लगा है। कभी भीड़ में मैं जीती थी, भावनाओं की उछाल के साथ। वक्त का एक-एक कतरा खुशी से झूम...

कहां से मुंह...

कहां से मुंह काला कराया

हमारे दोस्त के घर पार्टी थी, जिसमें काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने थे। मैंने एक शिफॉन साड़ी काले रंग में रंगवाई थी, वही साड़ी पहन...

झांसी की रानी

झांसी की रानी

यह बात उन दिनों की है जब मेरी आयु लगभग छह वर्ष की रही होगी। एक बार मैं अपनी मम्मी के साथ अपनी मौसी के घर रहने के लिए गई।

टेंशन नहीं ल...

टेंशन नहीं लेने का!

आजकल टेंशन मत लो जैसा छोटा सा वाक्य एक अच्छा-खासा लोकप्रिय जुमला बन चुका है। मगर, इस जुमले को लेकर भी लोगों में काफी टेंशन है। दिन...

दर्दे-इश्क़ जाग

दर्दे-इश्क़ जाग

हमारे उस्ताद ने जब हमें गज़ल लिखनी सिखाई, तब भी उसने यही बताया था कि गज़ल कहने के हज़ारों नुक्ते हैं। बहुत बढिय़ा किस्मतवालों को अच्छे...

कहानी--- खिल...

कहानी--- खिलौना..

क्या कभी खिलौनों में रचता-बसता संसार भी जि़ंदगी के नज़रिये पर असर डाल सकता है? जानिए, क्या कहती है यह कहानी-

ईर्ष्या की आ...

ईर्ष्या की आग से जलना क्यों?

'उसकी साड़ी मेरी साड़ी से सफेद क्यों?' 'देखो तो क्या बन-ठन कर रहती है? सब ब्यूटी पार्लर का कमाल है, वरना है क्या इसमें।' 'चार अक्षर...