किस रंग की दीवारे लाती है पैसा और खुशहाली

Jyoti Sohi

2nd March 2021

चाहे घर हो यां आफिस हमेशा सोच समझ कर दीवारों पर रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। वास्तु के मुताबिक रंगों का चुनाव करने से हमें न सिर्फ कारोबार में तरक्की मिलती है बल्कि जीवन भी खुशहाल बनता है। वहीं दूसरी तरफ कई बार जाने अनजाने में अगर हम दीवारों पर गलत रंगों का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो हमें बहुत सी अनचाही कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है।

किस रंग की दीवारे लाती है पैसा और खुशहाली
रंगों का हमारे जीवन में बहुत गहरा असर होता है। दरअसल, रंग हमारे जीवन में बहुत से बदलावों को लाने की क्षमता रखते हैं। चाहे घर हो यां आफिस हमेशा सोच समझ कर दीवारों पर रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। वास्तु के मुताबिक रंगों का चुनाव करने से हमें न सिर्फ कारोबार में तरक्की मिलती है बल्कि जीवन भी खुशहाल बनता है। वहीं दूसरी तरफ कई बार जाने अनजाने में अगर हम दीवारों पर गलत रंगों का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो हमें बहुत सी अनचाही कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। जो जाने अनजाने कई परेशानियों का कारण बन जाता है। घर की दीवारों पर पेंट या सफेदी उसके मेकअप का काम करती है। दीवारों पर नया पेंट करवाने से घर न सिर्फ सुंदर दिखता है बल्कि एक सकारात्मक ऊर्जा भी आती है। घर की किस दीवार पर कौन सा रंग करवाएं ये समझना भी जरूरी  है।  इससे घर में शांति और समृद्धि का आगमन होता हैं। ऐसे में अगर आपके घर और इर्द गिर्द वास्तु के अनुसार रंग होंगे तो आपका जीवन खुशियों से भर जाएगा। आइए जानते हैं, वो कौन से रंग है, जो हमें जीवन में दिलाएगें पैसा और खुशहाली।
गेस्ट रूम की दीवारें
हमारे देश में अतिथि को ईश्वर का रूप माना जाता है। ऐसे में वास्तु शास्त्र के अनुसार गेस्ट रूम में हमेशा सफेद रंग का ही पेंट करवाना उचित माना जाता है। सफेद रंग पवित्रता, विद्या और शांति का प्रतीक माना जाता है। दरअसल, सफेद रंग बहुत प्रभावशाली माना जाता है। वास्तु के मुताबिक इस रंग का प्रभाव पड़ते ही मनुष्य का चित्त भी हमेशा शांत रहता है। सोचने.समझने की क्षमता का भी विकास होता है।
रसोईघर की दीवारें
कहते हैं जैसा अन्न खाओ मन भी वैसा ही होता है। इसके लिए जरूरी है कि किचन की दीवारें भी ऐसे रंग की हो जो मन को प्रसन्न रखती हों। जी हां वास्तुशास्त्र के अनुसार किचन का रंग संतरी या फिर लाल ही होना चाहिए। ताकि किचन में आप हमेशा खुशी का अनुभव कर सकें।
डाइनिंग रूम
घर में बैठक यानि हॉल एक ऐसी जगह होती है जहां पर अधिकतर परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर दिनभर का काफी समय साथ व्यतीत करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि रंग ऐसा हो कि हर दिशा में सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा का ही संचार हो। इसीलिए वास्तु के हिसाब से हॉल का रंग हमेशा पीला होना चाहिए। यह खुशी का रंग माना जाता है। यही वजह है कि पूजा.पाठ में विशेष तौर पर पीले रंग का प्रयोग किया जाता है। 
कार्यस्थल की दीवारें
पीला रंग दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों में से एक है।  शहरों में कार्यस्थल और छोटे घरों के लिए यह सबसे सही रंग है। यह रंग उत्साह, प्रेरणा और खुशी का प्रतीक है। सूरज की रोशनी और आध्यात्मिकता के अलावा, पीला रंग धन से भी जुड़ा होता है क्योंकि सोने का रंग भी पीला होता है।
बैडरूम: बैडरूम अर्थात शयन कक्ष ऐसा स्थान है जहां हम दिन भर की थकान मिटाते हैं। कम से कम 6 से 8 घंटे तक हमारा वहां निवास रहता है। बैडरूम में मन को प्रसन्न करने वाले रंग का चयन करना चाहिए। गुलाबी, हल्का लाल, हरा, हल्का हरा, सफेद और हल्का नीला रंग बेडरूम के लिए शुभ होता है, किंतु यदि आपके जीवनसाथी या आपके स्वभाव में क्रोध की भावना है तो लाल रंग का त्याग कर दें। बेडरूम में कभी भी पानी का चित्र एवं शीशा रखना भी अच्छा नहीं होता।
जिस कमरे में बच्चे पढ़ते हैं उसके लिए उचित रंग
पढ़ाई के लिए भी शांत माहौल की आवश्यकता होती है। इसलिए इस कमरे का रंग ऐसा होना चाहिए जिससे शांति का अनुभव तो हो ही एकाग्रता भी बने। वास्तु कहता है कि ये कमरा पूर्व दिशा में होना चाहिए और इसके लिए आपको हल्का जामुनी, हल्का हरा या गुलाबी रंग का इस्तेमाल सर्वोत्तम रहेगा। ध्यान रहे इस दिशा में गहरे नीले या सलेटी रंग का इस्तेमाल कभी नहीं करें।
स्नानघर एवं शौचालय 
स्नानघर एवं शौचालय में सफेद, गुलाबी या हल्का पीला या हल्का आसमानी रंग का प्रयोग करने से मन को शकुन मिलता है।
छतें
हमारी छतें प्रकाश को परावर्तित कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं इस कारण से इस स्थान पर ऐसे रंग का प्रयोग करना चाहिए जो परावर्तन में सहायक हो। छत के लिए सबसे उपयुक्त रंग है सफेद अथवा क्रीम।
घर की दीवारों पर वास्तु के अनुसार रंग 
खाना बनाने की जगह यानी किचन के लिए लाल और नारंगी रंग शुभ माना जाता है।
वॉशरूम या बाथरूम में सफेद या हल्का नीला रंग करवाना बेहद अच्छा माना जाता है।
ड्राइंग रूम में आसमानीए क्रीम कलरए या हल्का पीला रंग करवाना सही माना जाता है।
भगवान के लिए बनाए गए पूजा स्थल में पीला और हल्का नीला रंग शुभ माना गया है।
पढ़ाई लिखाई की जगह यानी स्टडी रूम में हमेशा हरा रंग करवाना चाहिए क्योकि हरा रंग समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। 
बेडरूम का कलर गुलाबी, आसमानी, लाइट ग्रीन और हलके रंग का होना चाहिए। रिश्तों में मधुरता लाने के लिए और मन की शान्ति के लिए ये सभी रंग अच्छे होते है।
 
दिशा के अनुसार करें रंगों का चुनाव
. उत्तर.पूर्व की दिशा के लिए हल्का नीला रंग उचित है। 
. पूर्व की दिशा के लिए सफेद या हलके नीले रंग का चुनाव करे।
. दक्षिण.पूर्व की दिशा आग्नेय कोण हैण् इसलिए दीवारों पर नारंगीए गुलाबी या सिल्वर रंग का पेंट करवाएं।
. उत्तर दिशा की दीवारों पर हरा रंग करवाना चाहिए।
. उत्तर.पश्चिम की दिशा को वायव्य कोण होती है इसलिए इस दिशा में बानी दीवारों पर सफेदए हल्का ग्रे और क्रीम रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।
. दक्षिण की दीवारें लाल और पीले रंग में पेंट करानी चाहिए।
. पश्चिम को जल की दिशा माना जाता हैण् इसलिए इस दिशा में नीला और सफेद रंग पुतवाना चाहिए।
घर का वातावरण ही हमारे मन और विचारों को प्रभावित करता है। जैसा हमारे घर का वातावरण होगा वैसे ही हमारे विचार होंगे। कई घरों में लड़ाई.झगड़ेए क्लेश आदि होता है कई बार इन समस्याओं की वजह वास्तुदोष भी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की हर वस्तु हमें पूरी तरह प्रभावित करती है। घर की दीवारों का रंग भी हमारे विचारों और कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। हमारे घर का जैसा रंग होता हैए उसी रंग के स्वभाव जैसा हमारा स्वभाव भी हो जाता है। इसी वजह से घर की दीवारों पर वास्तु के अनुसार बताए गए रंग ही पुतवाना चाहिए।
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