पति पत्नी दूसरा बच्चा कब प्लान करें

मोनिका अग्रवाल

4th September 2020

मातृत्व एक ऐसी जिम्मेदारी जिसे निभाना इतना आसान नहीं खासकर कि आज के समय में ऐसे में जब बात दूसरे बच्चे की आते हैं तो अक्सर लड़की घबरा जाती है। यही वजह है कि वे दूसरी बार मां बनने के बारे में तब तक नहीं सोचना चाहती जब तक वे पूरी तरह से इसके लिए तैयार न हो जाएं।

पति पत्नी  दूसरा बच्चा कब प्लान करें

दूसरा बच्चा कब प्लान करें

अगर आप फ़ैमिली को बढ़ाना चाहते हैं और आप दुविधा में हैं कि आपको ,दूसरा बच्चा कब प्लान करना है,दोनों के बीच कितना अंतर करना है तो सबके सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं.प्रस्तुत हैं कुछ सुझाव-

1-2 साल का अंतर-

सकारात्मक पहलू-

1-शोध बताते है कि ,जिन बच्चों के बीच एक या दो साल का अंतर होता है उन बच्चों में असुरक्षा की भावना नहीं आती और वो आसानी से ऐडजस्ट कर लेते हैं. उनके दोस्त भी ज़्यादा क़ौमन होते हैं.

2-दोनो बच्चे एक साथ बड़े होते हैं तो हंगामा,अस्तव्यस्त घर,बच्चों की थकावट सब एकसाथ दूर हो जाती हैदूसरे शब्दों में वो एकसाथ पल जाते हैं.

नकारात्मक पहलू-1-नवजात शिशू के आगमन तक हो सकता है आपका बड़ा बच्चा पौटी ट्रेन न हुआ हो,उसे पूरी रात सोने की आदत न पड़ी हो,ऐसे में आपको उनकी ज़रूरतों का अतिरिक्त ध्यान देना पड़ सकता है.

2-कम उम्र के बच्चों  में लड़ाईयाँ बहुत होती हैं

3-दोनों को एकसाथ चाइल्ड केयर में डालना बजट के बाहर हो सकता है.

2-3 साल का अंतर-

सकारात्मक पहलू-

1-दूसरे बच्चे के आगमन तक पहला बच्चा आप पर थोड़ा कम निर्भर रहेगा.

2-आपका शरीर प्रेगनेंसी के स्ट्रेस को रिकवर कर चुका होगा,जैसे जन्म या बच्चों को दूध पिलाना.या उन्हें पथ्य देना आदि

नकारात्मक पहलू-1-इतने गैप के बाद ये बच्चे न आपस में फ़्रेंडली हो पाते हैं न ख़ुद को सुरक्षित ही महसूस करते हैं

2-दोनों की डिमांड एकसाथ पूरी करना काफ़ी मुश्किल होता है.

3-साल का अंतर-

सकारात्मक पहलू-1-तीन साल से अधिक अंतर होने पर आप दोनों बच्चों को अधिक समय दे सकते है.शुरुआत में पहले बच्चे पर और बाद में दूसरे बच्चे पर 

2-आपके पास दूसरे बच्चे के आने तक एनर्ज़ी भी आ जाती है,

3-बच्चा के बीच झगड़ा या कौंपटीशन भी नहीं होता,आपका बड़ा बच्चा ,छोटे भाई या बहन का ध्यान भी रख लेता है.

नकारात्मक पहलू-1-दोनों बच्चों की ज़रूरतें पूरी करना काफ़ी मुश्किल हो सकता है

2-लम्बे इंटर्वल के बाद प्रेगनेंट होने में मुश्किलें आ सकती है

3-अगर वापस काम पर लौट चुकी हो तो फिर से समय एडजस्ट करना मुश्किल हो सकता है

4-आपको सिब्लिंग राइवलरी का सामना करना पड़ सकता है

अंत में आपकी शारीरिक और मानसिक स्तिथी,और आर्थिक क्षमता पर निर्भर करता है कि आपके दोनों बच्चों के बीच आदर्श गैप कितना हो?

यह भी पढ़ें-

हेल्दी फूड बच्चों के लिए

पति-पत्नी के बीच क्या उम्र का फासला मायने रखता है

 

 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

साझा कदमों स...

साझा कदमों से निभेगी परवरिश की जिम्मेदारी...

कैसे पता करे...

कैसे पता करें कि आप का बच्चा बुलिंग का शिकार...

किशोर और COV...

किशोर और COVID-19: चुनौतियां और अवसर

पति-पत्नी के...

पति-पत्नी के बीच क्या उम्र का फासला मायने...

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

समृद्धिदायक ...

समृद्धिदायक लक्ष्मी...

यू तो लक्ष्मी साधना के हजारों स्वरूपों की व्याख्या...

कैसे करें लक...

कैसे करें लक्ष्मी...

चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें...

संपादक की पसंद

कैसे दें घर ...

कैसे दें घर को फेस्टिव...

कैसे दें घर को फेस्टिव लुक

घर पर भी सबक...

घर पर भी सबकुछ और...

‘जब से शादी हुई है सिर्फ लाइफ मैनेज करने में ही सारी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription