जब चुनना हो अपना बैंक

चयनिका निगम

10th February 2021

बैंक में एकाउंट खोलने की बारी आती है तो आपको बैंक की थोड़ी पड़ताल कर लेनी चाहिए।

जब चुनना हो अपना बैंक

पैसे खूब कमाए जाएं लेकिन बचत और निवेश अच्छी जगह न किए जाएं तो इस कमाई का कोई फायदा नहीं है। इसलिए जरूरी है कि जब बैंक चुनें तो इसमें से बेस्ट का चुनाव जरूर कर लें। इसमें सिर्फ 1 या दो मुद्दों पर नहीं सोचना होता है। बल्कि इस काम में कई बातों पर ध्यान देना होता है। मगर अब सवाल ये है कि बेस्ट बैंक चुने कैसे जाएं? ढेर सारे नामों में से किसी एक को चुनना आसान तो बिलकुल नहीं होगा। इस पर भी खुद के नंबर वन होने का दावा करती ढेरों बैंक पूरी तरह से कंफ्यूज कर देती हैं। कंफ्यूजन यहां भी खत्म नहीं होता है। सरकारी और प्राइवेट बैंक का कंफ्यूजन भी खूब परेशान करता है। मगर इस कठिन काम को आसान बनाना जरूरी है ताकि आपके जीवनभर की कमाई को सही ठिकाना मिल सके और ये सुरक्षित रह सके। बैंक चुनने की बारी आए तो कौन-कौन सी बातें रखनी होंगी ध्यान जान लीजिए-

दूरी कितनी है-

बैंक चुनने का सबसे पहला नियम है कि इसकी दूरी ध्यान रखी जाए। ध्यान रखा जाए कि ब्रांच आपके घर से आखिर है कितनी दूर। ऐसा न हो अच्छी बैंक के लिए आप ब्रांच इतनी दूर चुन लें कि जरूरत के काम पर जाने से भी बचने की जरूरत पड़े। ब्रांच दूर होने पर कई बार चाह कर भी आप वहां तक जाने से बचते हैं। आपको वहां जाने से पहले सोचना पड़े। इसलिए बैंक ब्रांच ऐसी चुनें, जो घर के बिलकुल पास में हो। 

एटीएम से जुड़ी बातें-

सबसे पहले तो उस बैंक का डेबिट कार्ड हर बैंक की एटीएम मशीन पर चल जाता है या नहीं...ये चेक करना होगा। इसके बाद चार्जेस के बारे में पता करना होगा। दरअसल कुछ समय पहले सरकार ने एटीएम के फ्री इस्तेमाल में कुछ बदलाव किए हैं। मतलब एक महीने में आप इसे कितनी बार इस्तेमाल करते हैं, इस पर कितना चार्ज लगता है, ये आपको पता कर लेना होगा। ताकि जब-जब आप मशीन से पैसे निकालें, तब-तब चार्ज बहुत ज्यादा न देना पड़े। 

औसत बैलेंस हो कितना-

हर बैंक में एक निश्चित औसत बैलेंस रखने के नियम तय होते हैं। निश्चित रकम बैंक खाते में होनी ही चाहिए। पर सबके लिए हर रकम को बैंक में रख पाना आसान बिलकुल नहीं होता है। जैसे किसी बैंक में मिनिमन बैलेंस 1000 रुपए होगा तो किसी में 10000 रुपए भी। हो सकता है आपकी भी एक बड़ी रकम को हमेशा मेनटेन करने में सक्षम नहीं हैं तो आपको बैंक के इस नियम को ध्यान से समझना होगा। क्योंकि मिनिमम बैलेंस ना होने पर कई सारे बैंक चार्ज काटते हैं। 

ऑनलाइन बैंकिंग है जरूरी-

ऑनलाइन बैंकिंग इस समय की मांग है। तकरीबन हर शख्स ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करता ही है। अब ऐसे में अगर आपकी बैंक में ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा नहीं है तो ये आपके लिए असुविधा का कारण ही बनेगा। इसलिए बैंक में एकाउंट खोलने से पहले चेक जरूर कर लें कि वहां ऑनलाइन बैकिंग की सुविधा है या नहीं। 

बैंक एप-

इस वक्त करीब हर बैंक के पास अपना एप है ही। लेकिन कई बैंक अभी भी एप के बिना ही काम करती हैं। इन बैंक में एकाउंट खोलने का कोई फायदा बिलकुल नहीं है। दरअसल एप होने कई काम घर बैठे ही हो जाते हैं। इसके लिए आपको बैंक तक चलकर नहीं जाना पड़ता है। इनके साथ मनी ट्रांसफर से लेकर एकाउंट का बैलेंस जानने तक कई काम आसान हो जाते हैं। 

ब्याज है कितना-

जिस बैंक में आपने आपनी जमा पूंजी रखी है। वहां आपको ब्याज अच्छा तो मिलना ही चाहिए। अब अगर ऐसा नहीं है तो ये बैंक आपके लिए सही नहीं है। पैसे उसी बैंक में रखें, जहां ब्याज ज्यादा मिले। फिक्स डिपॉसिट पर ब्याज कितना है, ये भी ध्यान देना होगा। 

बैंक की ब्रांच कितनी-

अब आप सोच रही होंगी इस बात से आपको क्या मतलब कि ब्रांच कितनी हैं? इससे आपको मतलब है। इसका आपको काम तब पड़ेगा, जब आप कहीं बाहर होंगी और आपको बैंक में कोई काम होगा। अब आप अपने एकाउंट से जुड़े काम किसी भी ब्रांच में कर सकते हैं तो अगर आस-पास उसी बैंक की कोई ब्रांच हो तो आपका काम आसान हो जाएगा। 

सर्विस चार्ज पर नजर-

हर बैंक कई सारी सर्विसेज पर चार्ज लगाते हैं। ये 1चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं। सरकारी और प्राइवेट बैंक में भी इन चार्जेस का काफी अंतर हो सकता है। माना जाता है कि सरकारी बैंक में सर्विस चार्ज काफी कम होता है। 

 

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