ये चीजें बताती हैं कि आप अपने बच्चे को बिगाड़ रही हैं

Spardha Rani

3rd May 2021

आपका जरूरत से ज्यादा प्यार और देखभाल आपके बच्चे को बिगाड़ता है, जिसके बारे में आपको भनक तक नहीं होती है। इससे बचना बहुत जरूरी है क्योंकि उनका बचपन उनके भविष्य की नींव है।

ये चीजें बताती हैं कि आप अपने बच्चे को बिगाड़ रही हैं

छह साल की गुड़िया बहुत प्यारी है। उसकी बातें और उसकी शरारतें सबको बहुत प्यारी लगती हैं। वह पढाई भी मन लगाकर करती है। उसके घर कोई भी आता है तो उसकी तारीफों के पुल बंधे बिना नहीं रह पाता है। यही वजह है कि उसकी मां काजल उसे खूब लाड़- प्यार करती है। उसके लाड़- प्यार को देखकर कई बार गुड़िया के पापा उसकी मां से कहते हैं कि इतना लाड़- प्यार भी अच्छा नहीं है। जब काजल ने इसका कारण जानना चाहां तो उन्होंने कहा कि इस तरह से गुड़िया बिगड़ जाएगी। काजल को यह बात कुछ समझ नहीं आई जबकि सच तो वही है जो उसके हसबैंड कह रहे थे।

बच्चों के डेवलपमेंट में प्यार और देखभाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन दो चीजों की अनुपस्थिति में बच्चों को व्यवहारिक दिक्कतें आने लगती हैं। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं, जिनके पेरेंट्स उन्हें सब कुछ बेस्ट देना चाहते हैं और इसी बेस्ट देने की कोशिश में उनके साथ अन्याय कर जाते हैं। जरूरत से ज्यादा लाड़- प्यार उन्हें बिगाड़ देता है, जो स्वयं बच्चों के लिए सही नहीं होता। आपका यह जरूरत से ज्यादा प्यार और देखभाल उसे बिगाड़ रहा होता है, जिसके बारे में आपको भनक तक नहीं होती है। कहीं आप भी तो ऐसी ही मां नहीं है, जानने के लिए इस आर्टिकल को पढ़ें।

बच्चे की हर बात मानना

कई बच्चे अपनी बात मनवा कर ही दम लेते हैं। इसके लिए वे कई तरह के टैंट्रम्स भी करते हैं। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि वे चाहते हैं कि आप उनकी बात मां लें या फिर वे आपकी अटेंशन चाहते हैं। इन टैंट्रम्स में बच्चों का रोना और चिल्लाना भी शामिल है, जिसके सामने कई पेरेंट्स घुटन टेक देते हैं। अगर आप भी उनमें से ही एक हैं, जिनसे अपने लाडले की आंखों में आंसू नहीं देखे जाते हैं और उनकी हर डिमांड को पूरा कर देती हैं तो आप गलत कर रही हैं। उनकी हर बात को मान कर आप उन्हें प्यार नहीं कर रही हैं, बल्कि उन्हें बिगाड़ रही हैं।

बेवजह की धमकी

बच्चों को बड़ा करते समय कई दफा ऐसा होता है कि बच्चा गलत तरह से व्यवहार करने लगता है। उसे नहीं पता होता है कि वह सही कर रहा है या गलत। ऐसे में आपका सही कदम उसके व्यवहार को सही कर सकता अहि लेकिन उसके लिए आपको अपने कदमों पर टिके रहना होगा। ऐसा नहीं कि आपने उसे धमकी तो दे दी लेकिन बाद में खुद ही भूल गए। अगर आप ऐसा करती हैं तो वह आपके किसी भी कदम को गंभीरता से न लेकर हल्के में लेगा।

खुद ही करने दें सामना

आप अपने बच्चे को बहुत प्यार करती हैं, उसे हर गलत चीज से बचा कर रखना चाहती हैं। लेकिन जरूरी तो यह भी है वे खुद परिस्थितियों का सामना करें। अगर आपको ऐसा लगता है कि आप उन्हें कठिन परिस्थितियों और मुश्किल भावनाओं से बचाकर अच्छा कर रही हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि आप उन्हें भविष्य के लिए नहीं तैयार कर रही हैं। जब तक वे चुनौतियों का सामना करना नहीं सीखेंगे, वे कैसे भविष्य में बड़े होकर अपनी समस्याओं का सामना करेंगे। यह एक सोचना वाला विषय है, इस पर जरूर सोचें!

संतुष्टि नहीं

आप चाहे उनके लिए कितनी ही उनकी मनपसंद चीजें ले आएं, वे कभी संतुष्ट नहीं होते हैं। उन्हें खुश रखने की आपकी कोशिशें भी व्यर्थ हो रही हैं। आप उनके लिए कोई एक नई चीज लेकर आती हैं, और उनकी अगली लिस्ट तैयार रहती है। डिमांड का यह तरीका बताता है कि वे संतुष्ट नहीं हो रहे हैं और अब उनकी पसंद की हर चीज लाने का समय खत्म हो चुका है।

शेयरिंग नहीं

यह बात सौ फीसद सच है कि आज्कल्सभी लोग न्यूक्लियर फैमिली में रहते हैं और बच्चों को चीजें शेयर करने की आदत नहीं रहती है। लेकिन आपके बार- बार कहने पर भी अगर वह अपने खिलौने और अन्य चीजें किसी अन्य बच्चे से शेयर नहीं करता है, तो यह बात सही नहीं है। यह आपको ही उन्हें समझाना है कि शेयरिंग इज केयरिंग!

रिश्वत ही एकमात्र रास्ता

अगर आप अपने बच्चे को बात- बात पर रिश्वत दे रही हैं तो इसका मतलब भी यही है कि आप उसे बिगाड़ रही हैं। इस तरह से उन्हें समय की गंभीरता नहीं समझ में आएगी और वे अपनी लाइफ में सब कुछ आसान चाहेंगे। वे कठिन परिस्थियों का सामना कर पाने में अक्षम होंगे और उनमें समस्याओं को सुलझाने की क्षमता विकसित नहीं होगी। उन्हें रिश्वत देने की बजाय उन्हें खुद चुनने का मौका दें कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत।

आपकी बात न सुनना

अगर आपका बच्चा बिगड़ा हुआ है तो इसका एक अन्य चिह्न यह है कि वह आपकी बात ही नहीं सुनेगा। यानी कि आप चाहे लाख उसे किसी काम को करने के लिए बोलें, वह ऐसे व्यवहार करेगा कि मानो उसने सुना ही नहीं है। वहीं, दूसरी ओर, वह अन्य लोगों की बातें सुनेगा और आपको भाव नहीं देगा।

आपको कंट्रोल करना सही नहीं

आप चाहे घर के काम कर रही हैं या फिर ऑफिस का, अगर आपका बच्चा बिगड़ा हुआ है तो वह आपको कंट्रोल करने की कोशिश करेगा। यानी वह आपको बताएगा कि आपको किस समय क्या काम करना है। यह रवैया सही नहीं है।

पलट कर जवाब देना सही नहीं

कभी भी यह ना होने दें कि आपका ही बच्चा आपकी बेज्जती कर दे या आपको इज्जत देकर बात न करे। आपको शायद यही लगे कि वे छोटे हैं, उन्हें चीजों की समझ नहीं है लेकिन इस तरह से वे केवल खराब व्यवहार करना सीखेंगे। इसलिए, जब भी वे आपको पलट कर जवाब दें या आपके साथ या किसी अन्य बड़े के साथ खराब व्यवहार करें तो तुरंत वहीं, उसी समय उनके खराब व्यवहार के लिए उन्हें सजा दें। सजा में उनकी फेवरेट चीजें उन्हें देने से मना कर देना एक बढ़िया विकल्प है।

 

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