‘‘मुझे चिंता होने लगी है कि मैं घर, नौकरी,शादी और फिर शिशु सब कैसे संभाल पाऊँगी ?

यह याद रखें कि आप सब कुछ एक साथ नहीं संभाल सकतीं बस इतना याद रखें कि जो भी करें, अच्छे तरीके से करें। आप सुपर मॉम नहीं बन सकतीं बस एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। हर नई मां चाहती है कि घर साफ-सुथरा हो, शिशु की परवरिश अच्छी तरह से हो, मैले कपड़ों का ढेर न बने, घर में स्वादिष्ट खाना पकता रहे और वह साथी के लिए सेक्सी बनी रहे लेकिन यह सब सिर्फ कहना आसान है क्योंकि यह सब एक साथ हो पाना संभव नहीं है।

आप अपने नए जीवन को किस रूप में लेंगी यह इसी बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी इस हकीकत को जान लेती हैं। चुनौतियाँ सामने आने से पहले ही इस हकीकत को समझ लेंगी तो बेहतर होगा। कपड़े धोने वाली रख सकती हैं। यदि आप कुछ समय के लिए नौकरी छोड़ सकती हैं या घर से ही काम कर सकती हैं तो आप उस हिसाब से भी अपनी प्राथमिकता तय कर सकती हैं। प्राथमिकताएँ तय करने के बाद ऐसी उम्मीदें न करें जो बिल्कुल भी वास्तविक न हों।

किसी भी अनुभवी मां से पूछें, उसे देर-सबेर पता चल ही जाता है कि वह संपूर्ण नहीं है, वह अकेले सब कुछ नहीं संभाल सकती। यदि आपने भी ऐसा ही करने की कोशिश की तो आखिर में तनाव के सिवा कुछ हाथ नहीं आएगा। कुछ ऐसे पल भी आएँगे जब आपको लगेगा कि सब बेकार है बिस्तर संभला नहीं होगा, मैले कपड़ों से टोकरी भर जाएगी, सेक्सी दिखने का मतलब यह होगा कि पहले आपको तेल वाले बाल धोने होंगे। इतने ऊंचे स्तर बनाएँगी तो उन तक पहुँचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाएगा।