बनें स्मार्ट सास - बहु मैनेजमेंट

Jyoti kaursohi

7th April 2021

स्मार्ट सास बनना कोई मुश्किल काम नहीं है, कॅन्ट्रोल तो आप हर किसी पर वैसे भी रखती ही हैं, पर बहुओं के साथ साथ आपको भी इस बात का अंदाज़ा होना चाहिए कि किसको कब क्या चाहिए, और उसे वो मिला भी यां नहीं। इसके अलावा सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने में क्या बना और किसने क्या खाया। यानि आपके पास हर बात का हिसाब होना चाहिए।

बनें स्मार्ट सास - बहु मैनेजमेंट

घड़ी में ठीक शाम के छ बज रहे थे, तभी डोर बेल बजी। दरवाज़ा खोलते ही देखा, तो बहू सामने खड़ी थी। 

बेटा तुम्हारा आफिस तो साढ़े छ बजे तक होता है न और अभी तो सिर्फ छ ही बजे हैं।

पांव छूते ही कनिका बोली, जी मां सोचा जल्दी पहुंचकर आपके साथ थोड़ा काम में हाथ बंटा दूं।

अब रेवा भी एक स्मार्ट सास की तरह सोचेने लगी और अगले ही पल बोली बेटा पानी पी लो, फिर सोचकर बताना आज डिनर में क्या बनाएं। 

तभी कनिका बोली, मां आज बेसन के गट्टों की सब्जि खाने का बहुत मन कर रहा हैं। पर अगले ही पल कनिका मायूस हो गई और कहने लगी, मुझे तो कुछ भी नहीं आता बनाना।

ये सुनते ही, रेवा ने कहा कोई बात नहीं मैं बनाती हूं, फिर तुम चखकर बताना कैसी बनी हैं तुम्हारी फेवरेट सब्जि, बस तुम जाओ और जल्दी से चेंज करके आ जाओ। 

अब कनिका हाथ मूंह धोकर फौरन रसोईघर में पहुंच गई और अपने हिसाब से सब्जि के लिए ज़रूरी सामान निकालने लगी। 

रेवा पहले से ही किचन में थी, तभी कनिका ने बोला मां इसके लिए क्या क्या और चाहिए होगा।

तभी रेवा ने कहा कि सबसे बेसन निकालो और फिर एक एक कर सारा सामान बहू से निकलवाया। अब कनिका कंफयूज़ हो गई कि मां इतना सारा सामान इसमें डलेगा।

अब रेवा समझ चुकी थी कि कनिका खाना बनाना सीखना चाहती है। फिर क्या था रेवा मुस्कुराते हुए बोली, डरो मत बेटा, चलो आज तुम ही सब्जि बनाओ, मैं यहीं पर हूं।

अब ये सुनकर कनिका खुश हो गई और मन ही मन अपनी सास का शुक्रिया अदा करने लगी। दरअसल, कनिका भी यही चाहती थी कि मैं जल्दी पहुंचकर कुछ काम सीख लूं। 

अब ऐसे रोज़ाना कनिका आफिस से जल्दी घर आने लगी। हांलाकि आफिस में बाॅस की खटपट भी सहनी पड़ती थी। मगर घर में रोज़ाना कुछ नया सीखने को भी मिल रहा था यां यूं कहें कि रोज़ नई रेसिपी बना रही थी। 

देखते ही देखते अब रात के खाने की जिम्मेदारी धीरे धीरे बहू ने अपने कंधों पर ही ले ली यां यूं कहें कि रेवा ने बड़ी ही समझदारी से बहू को खाना बनाने का प्रशिक्षण दिया।   

अब रेवा भी बतौर सास खुश रहने लगी और एक स्मार्ट सास की तरह बिना किसी तानों के और गुस्से के बहू को खाना बनाना भी सिखाया और बहू की नज़रों में अपना मान भी बढ़ा लिया। 

 

स्मार्ट सास बनना कोई मुश्किल काम नहीं है, कॅन्ट्रोल तो आप हर किसी पर वैसे भी रखती ही हैं, पर बहुओं के साथ साथ आपको भी इस बात का अंदाज़ा होना चाहिए कि किसको कब क्या चाहिए, और उसे वो मिला भी यां नहीं। इसके अलावा सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने में क्या बना और किसने क्या खाया। यानि आपके पास हर बात का हिसाब होना चाहिए। अगर परिवार की मुखिया होने के नाते आप इन बातों का ख्याल रखती हैं, तो फिर बहुओं के साथ साथ परिवार का हर सदस्य आपकी ओर खिंचा चला आएगा और हर बात में आपकी सहमति से काम करना चाहेगा। दरअसलए सास बहू का रिश्ता उस धागे के समान होता है, जो अगर उलझ जाए तो सुलझाना मुश्किल है और अगर इसे ज्यादा जोर से खींचते हैंए तो उसके टूटने का खतरा भी बना रहता है। खैर आज के ज़माने में बहुएं बहुत स्मार्ट हैं, सास को किस तरह से रिझाना हैए वो खूब जानती हैं। अब इस दौर में अगर सास भी स्मार्ट बन जाए तो क्या कहने। जी हां तो आइए जानते हैं, आप कैसे बन सकती हैं एक स्मार्ट सास।

 

जब बाज़ार से लौटकर आएं

अगर सासू मां बाज़ार खरीददारी करने गईं हैए तो बहुओं की नज़रे दरवाजे़ पर ही रहती हैं कि किस वक्त वो घर लौटेंगी। अगर आप एक सास है और बाहर से आते ही आप बेटी की बजाय बहुओं के पास जाकर कुछ देर बैठ जाएं और बाहर का हाल बताएं। साथ ही बच्चों से बात करें और उस दिन की उनकी जरूरत एवं होम वर्क के बारे में जानें। फिर देखें कि बहू के चेहरे पर न सिर्फ खुशी खुद ब खुद आ जाएगी बल्कि चुटकी में बहू आपके लिए चाय भी ले आएंगी तो फिर दिन भर की थकान अपने आप ही उतर जाएगी।

 

बेटों को दें अच्छा माहौल

बेटे और बहू जब ऑफिस से लौट कर शाम को घर आएंए तब आप घर पर ही रहें और घर पर उन्हें एक अच्छा माहौल देंए जिससे उन्हें सुकून मिलेगा क्योंकि शांत और खुशियों भरा माहौल किसी भी थके हुए शख्स को तरोताजा बना सकता है।

 

संवेदनशील बनें

नारी की खूबसूरती या उसका रूतबा उस समय बेमानी लगने लगती है जब वह घमंडीए बदमिजाज या फिर सिर्फ अपने लिए ही सोचने वाली हो। इसलिए सबके प्रति संवेदनशील बनें क्योंकि घर रिश्तों से बनता है और खुशियां संवेदनाओं से ही आती हैं। यदि घर में सब लोग दुखी होंगे तो सुख और शांति कहां से आएगी। बतौर सास अगर आप बात बात पर डांट डपट करेंगी और हर समय बहुओं को टोकेंगीए तो आप परिवारवालों से दूर होती चली जाएंगी। बतौर स्मार्ट सास आपको सभी सदस्यों के प्रति संवेदनशील रहना हैए ताकि बहुएं भी आपके नक्शे कदमों पर चलें और आपका सम्मान समाज में बढ़े। अगर आपको किसी को फटकारना हैए तो उसे सबसे सामने टोकने की बजाय अकेले कमरे में लेजाकर उसकी गलती से उसे अवगत कराएं। अगर आप ऐसा करती हैंए तो आने वाले वक्त में आप देखेंगी कि आपकी बहुएं भी परिवार के किसी सदस्य से बदत्तमीजी करने से पहले एक बार ज़रूर सोचेंगी।  

नौकरी के लिए मना करें

आमतौर पर ज्यादातर परिवारों की समस्या है कि शादी के बाद बच्चों के लिए जल्दी और फिर बच्चों के बाद बहू की नौकरी से छुट्टी। बतौर स्मार्ट सास आप बहू को नौकरी करने देंए ताकि आपके बेटे पर घर गृहस्थी का पूरा बोझ न पड़े। अगर आपकी बहू कामकाजी होगीए तो इससे न सिर्फ उसे खर्चों का अंदाज़ा होगा बल्कि वो अपने बच्चों को खुशहाल जीवन प्रदान कर पाएगी। इसक अलावा बच्चों की जिम्मेदारी के लिए आप किसी हैल्पर को रख सकते हैंए ताकि वो आपका हाथ बंटा सके।

 

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