इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेंगे किचन में मौजूद ये 10 मसाले

Sonal Sharma

14th September 2020

किचन में मौजूद मसालों का इस्तेमाल केवल खाने का स्वाद और रंगत बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी है। इन मसालों के नियमित इस्तेमाल से रोगों से लड़ने की क्षमता तो बढ़ेगी ही अन्य बीमारियों का खतरा भी दूर होगा।

इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करेंगे किचन में मौजूद ये 10 मसाले

Immunity Booster Spices

भारतीय रसोई में खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए मसालों का खूब इस्तेमाल किया जाता है। ये मसाले खाने का स्वाद और इसकी रंगत तो बढ़ाते ही है, साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। ये मसाले पौधों के फल, पत्तियों, बीज, छाल या जड़ों से मिलते हैं। खास बात तो यह है कि किचन में मौजूद इन मसालों का नियत मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है और इनमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ज्यादातर मसालों में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम वायरस, बैक्टीरिया के खिलाफ हमारे शरीर की रक्षा करती है। इम्यून सिस्टम शरीर के लिए बेहद जरूरी रक्षात्मक प्रतिक्रिया है। यह रोग पैदा करने वाले रोगाणुओं से बचाने और स्वस्थ रखने में मदद करती है, लेकिन अगर इम्यून सिस्टम कमजोर होगा तो उसे बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे व्यक्ति को बार-बार संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के रोजाना कुछ मसालों का इस्तेमाल लाभकारी साबित हो सकती है।

कोरोना महामारी के बीच इम्यूनिटी मजबूत होना एक बहुत बड़ी जरूरत है। ऐसे में सबसे पहले अपने ही घर के किचन में मौजूद मसालों की तरफ ध्यान लगाइए। इनसे जो फायदे मिलने वाले हैं, वो आपको कहीं और नहीं मिलेंगे। आमतौर पर नियमित रूप से इनके सेवन को बिना किसी दुष्प्रभाव के सुरक्षित माना जाता है। इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के साथ-साथ ये मसाले संक्रमण, मधुमेह, गठिया, कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में भी मदद कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि मसाले आसानी से और कम दामों पर मिल जाते हैं। किचन में मौजूद 10 मसालों के बारे में बता रहे हैं जो कि रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे।

काली मिर्च

काली मिर्च एक टेबल स्पाइस से कहीं ज्यादा है। इसके स्वास्थ्यवर्धक गुण के कारण इसे मसालों का राजा कहा जाता है। यह गार्निश के लिए ज्यादातर इस्तेमाल की जाती है लेकिन वास्तव में यह हेल्थ बूस्टर है। काली मिर्च में पेपराइन रसायन होता है जिसकी वजह से इसका तीखा स्वाद होता है। यह तीखा मसाला कई आयुर्वेदिक कड़ों का एक हिस्सा रहा है जो सर्दी, खांसी को कम करने और प्राकृतिक रूप से आपके प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जो संक्रमण को दूर रखने में मदद करती है और असुविधा से राहत भी देती है। काली मिर्च भी विटामिन सी से समृद्ध होती है, जो स्वाभाविक रूप से प्रतिरक्षा को बढ़ाती है और एक उत्कृष्ट एंटीबायोटिक के रूप में काम करती है। यही नहीं काली मिर्च खाने से न केवल पाचन क्षमता बढ़ती है बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में भी मदद मिलती है।

दालचीनी

दालचीनी प्रतिरक्षा बढ़ाने वाला एक मसाला है जो कि आम सर्दी और खांसी से भी लड़ने के लिए जाना जाता है। दालचीनी चीनी दवा में इस्तेमाल किया जाने वाला एक आम तत्व था और भारत में करी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय मसालों में से एक है। दालचीनी एक एंटीवायरल, एंटिफंगल और एंटीबैक्टीरियल मसाला है, इसलिए यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के अलावा वास्तव में रोग पैदा करने वाले रोगजनकों से लड़ता है। दालचीनी को अपने स्वस्थ आहार में जोड़ना आसान है। आप इसे इम्यूनिटी से लड़ने वाले काढ़े के लिए मिला सकते हैं, इसे चाय में इस्तेमाल कर सकते हैं, ओटमील पर छिड़क सकते हैं, इसे हॉट चॉकलेट का हिस्सा बना सकते हैं या फ्रेश फ्रूट पर छिड़क सकते हैं।

इलाइची

भारतीयों द्वारा खूब उपयोग किया जाने वाला एक और लोकप्रिय मसाला इलायची है। यह दो किस्मों में उपलब्ध है - काली और हरी। हरी इलायची का उपयोग चाय में और भारतीय मिठाइयों को बनाने में किया जाता है। वहीं काली इलाइची का उपयोग करी और चावल की रेसिपी में किया जाता है। इलाइची का सेवन मुखवास या माउथ-फ्रेशनर के रूप में भी किया जाता है। शरीर को गर्म रखने के अलावा, इलायची को श्वसन क्रिया में मदद करने के लिए जानी जाती है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण, इलाइची शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करती है। मैंगनीज का अच्छा स्त्रोत होने से यह एंजाइमों को उजागर करने में मदद कर फ्री-रेडिकल्स को नष्ट करती है।

लौंग

लौंग प्राचीन समय से दवा में इस्तेमाल किया जाने वाला एक सामान्य मसाला है। लौंग में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव क्षति को रोकने में प्रतिरक्षा प्रणाली की सहायता करते हैं। इसे थोड़ा चाय में डालकर पिएं या अपने करी और मीट में मिलाकर इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीवायरल गुणों का लाभ उठा सकते हैं। सर्दी और खांसी के लिए यह एक प्रभावी उपाय है। यह गले की सूजन को कम करता है और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है। बुखार आने पर दो लौंग और 4-5 तुलसी के पत्ते एक कप पानी में उबाले लें और शहद मिलाकर पीने से काफी लाभ मिलता है। लौंग सूंघने से बंद नाक में आराम मिलता है। यही नहीं गर्म पानी में रोजाना तीन-चार चम्मच लौंग का तेल मिलाकर पानी से संक्रमण नहीं होता है और सांस लेना भी आसान हो जाता है।

हल्दी

जब स्वास्थ्य की बात आती है तो घरेलू उपचार में सबसे पहली हल्दी का ही नाम दिमाग में आता है। इसके इम्यूनिटी बढ़ाने वाले अधिकांश गुण इसमें मौजूद कम्पाउंड करक्यूमिन से आते हैं। हल्दी में लाइपोपॉलीसकराइड नाम का पदार्थ शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल एजेंट भी इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। हल्दी को सर्दी, खांसी, फ्लू और यहां तक कि हृदय रोग को रोकने में मदद करने, पाचन में सुधार और गले में खराश को शांत करने के लिए पहचाना जाता है। रोजाना एक गिलास हल्दी का दूध इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएगा।

अदरक

अदरक एक ऐसा मसाला है जिसका व्यापक रूप से किचन में इस्तेमाल किया जाता है। यह मसाला मतली, पेट दर्द और ठंड और फ्लू जैसे श्वसन लक्षणों सहित विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों के लिए एक शक्तिशाली घरेलू उपाय है। शोध यह भी बताते हैं कि अदरक अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव के कारण इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। वास्तव में अपनी सुबह की शुरुआत एक गिलास अदरक की चाय से करने से बीमारी दूर हो सकती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, रोजाना के आहार में अदरक को शामिल करने से संक्रमण दूर रहता है।

जीरा

जीरे में मौजूद विटामिन सी इम्यून सिस्टम की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। विटामिन सी का सेवन सूजन, लो ब्लड प्रेशर, कैंसर के खतरे, हृदयघात के खतरे को कम करता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी है जो कि संक्रमण और बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है। जीरा आयरन और डाइटरी फाइबर का अच्छा स्त्रोत है। अपने इम्यून सिस्टम की सामान्य कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए जीरे का पानी पिएं। यह बीमारियों से लड़ता है और आपके बीमार पड़ने की संभावनाओं को कम करता है।

सूखा धनिया

सूखा धनिया यानी धनिया के बीज में लिनलूल जैसे एंटीऑक्सिडेंट कम्पाउंड होते हैं जो कि मुक्त कणों के कारण होने वाली सेलुलर क्षति को रोकते हैं और शरीर में सूजन से लड़ते हैं। प्रयोगशाला अध्ययनों के मुताबिक इसके टेरपिन और क्वेरसेटिन कम्पाउंड्स में एंटीकैंसर, इम्यूनिटी बढ़ाने और न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव हो सकते हैं। यह सांस की बीमारियों के लिए एक प्रभावी उपाय है जो इसे एक प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर मसाला बनाते हैं। यह किसी प्रकार के बैक्टीरिया के संक्रमण को रोक सकता है, खासकर साल्मोनेला से होने वाले संक्रमण को।

लहसुन

लहसुन को एक सब्जी की बजाए मसाले या जड़ी-बूटी के रूप में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए लहसुन को एक अद्भुत औषधि के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह सामान्य सर्दी, फ्लू, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, तपेदिक से लेकर निमोनिया तक की बीमारियों को रोकने में मदद करता है। लहसुन का नियमित उपयोग आपकी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकता है, जो कोरोनोवायरस जैसी घातक बीमारी से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। लहसुन में मौजूद विटामिन सी, बी 6 और सेलेनियम व मैंगनीज़ जैसे मिनरल्स इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में सहायक है। यही नहीं इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-बायोटिक गुण होते हैं जो कि बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर की क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

सौंफ

सौंफ के बीज विटामिन सी से समृद्ध होते हैं। विटामिन सी में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण होते हैं। एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट होने के नाते, यह फ्री रेडिकल एक्टिविटी पर अंकुश लगाने में भी मदद करता है, जो विभिन्न बीमारियों को पैदा करने में जिम्मेदार है। सौंफ में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबियल घटकों और एंटीइंफ्लेमेटरी वाष्पशील तेलों का मिश्रण होता है, जो सर्दी, खांसी और फ्लू के जोखिम को कम करने में मदद करता है और तुरंत राहत प्रदान करता है। यह कई मौसमी संक्रमणों को दूर रखने में मदद करता है और आपके शरीर को भीतर से गर्म रखता है।

किचन छोटा है तो उदास मत होइए, ये टिप्स काम आएंगे

जानिए क्या है एक्सपायरी, बेस्ट बिफोर और यूज़-बाय डेट में फर्क

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

रोजाना होने ...

रोजाना होने वाली ये 5 गलतियां इम्यून सिस्टम...

इम्यूनिटी बढ...

इम्यूनिटी बढ़ाएं 10 इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स...

मसाले बने से...

मसाले बने सेहत के रखवाले

इस देसी नुस्...

इस देसी नुस्खे को अपनाकर इम्यूनिटी बढ़ाती...

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

टमाटर से फेस...

टमाटर से फेस पैक...

 अगर आपको भी त्वचा से संबंधी कई तरह की परेशानी है तो...

पतले और हल्क...

पतले और हल्के बालों...

 तो सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आज हम आपको कुछ ऐसा बता...

संपादक की पसंद

टीवी की आदर्...

टीवी की आदर्श सास,...

हर शादीशुदा महिला के लिए करवा चौथ का त्योहार बेहद ख़ास...

मैं एक बदमाश...

मैं एक बदमाश (नॉटी)...

आप लॉकडाउन कितना एन्जॉय कर रही है... मेरे लिए लॉकडाउन...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription