स्तनपान कराने वाली माओं को किस तरह का आहार लेना चाहिए, जाने 7 जरूरी आहार

मोनिका अग्रवाल

14th January 2021

किसी भी नवजात बच्चे के लिए, मां का दूध बेहद जरूरी होता है। दूस्ध से बच्चों को कई तरह के फायदे होते हैं, जो काफी अविश्वसनीय है और पौष्टिकता से भरा होता है।

स्तनपान कराने वाली माओं को किस तरह का आहार लेना चाहिए, जाने 7 जरूरी आहार

जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है, उसके लिए सबसे पहले और सबसे ज्यादा जरूरी होता है मां का दूध। बच्चे के लिए मां का दूध पौष्टिक तत्वों से भरा होता है। जिससे उसके शरीर का विकास भी होता है। शोध के मुताबिक मानें तो मां के स्तन के दूध की संरचना उसी पर निर्भर करती है, जो वो खाती है। सामान्य तौर पर देखा जाए तो कोई भी ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं है जो ऑफ-लिमिट हो। इसके बजाय महिलाओं को संतुलित आहार खाने की ही सलाह दी जाती है। आज हम आपको इस लेख के जरिये कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे जिससे आपको पता चल पाएगा कि दूध आपके बच्चे को प्रभावित कर रहा है या नहीं?

1. मछली- मछली एक डीएचए और इपीए का एक बड़ा स्रोत होती है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है तो जो नवजात बच्चों के दिमाग के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। ये पौष्टिकता अन्य खाद्य पदार्थों में एक साथ मिलना मुश्किल होता है। वहीं आपको ये भी ध्यान देना होगा कि पारा के सम्पर्क में आने वाली मछली के सेवन से बचा जाए। क्योंकि जब मां ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करती है तो नवजात बच्चे के दिमाग में काफी नकारात्मक असर पड़ता है।

बच्चे को स्तनपान कराने में मां को क्या खाना है

2.हर्बल सप्लीमेंट्स- अगर आप अपने नवजात बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो आप इस दौरान जड़ी-बूटियों और मसालों जैसे जीरा और तुलसी का इस्तेमाल अपने खाने में कर सकती हैं। जो पूरी तरह से सुरक्षित है। हर्बल सप्लीमेंट और टी की बात करें तो सुरक्षा के बारे में काफी कुछ सोचना पड़ता है। कई महिलाएं ऐसी होती हैं को दूध को बढाने के लिए कई तरह के सप्लीमेंट्स लेती हैं। जो ज्यादा असरदार नहीं होता। लेकिन हर्बल से आपको वाकई फायदा मिलेगा।

3. प्रोटीन डाइट खाएं

मांस, पोल्ट्री, मछली, अंडे, डेयरी, सेम, नट और बीज जैसी प्रोटीन वाली डाइट प्रति दिन 2-3 बार खायें।

4. तीन रंगों की सब्जी व फल

कम से कम तीन रंगों की सब्जी डाइट में शामिल करें जैसे कि प्रति दिन गहरे हरे और पीली व लाल सब्जियों  की तीन सर्विंग्स खाएं। प्रतिदिन दो सर्विंग फल खाएं।

 

5. साबुत अनाज

 

अपने दैनिक आहार में साबुत अनाज जैसे कि होल व्हीट की ब्रेड, पास्ता, अनाज और दलिया शामिल करें। भरपूर पानी पिए।

6. शाकाहारी आहार

  यदि आप मांस से परहेज करती हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप लोहे और जिंक के अन्य स्रोतों जैसे सूखे बीन्स, सूखे फल, नट्स, बीज और डेयरी का सेवन उपयुक्त मात्रा में करें। यही नहीं विटामिन बी 12 वाली डाइट भी अपने भोजन में शामिल करें जो कि बच्चे की ग्रोथ के लिए जरूरी है।

 

7.

खाएं संतुलित आहार

- बच्चे को स्तनपान कराने के लिए जरूरी है कि आप पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। जिसमें आमतौर पर  कैलोरी, वसा, और अतिरिक्त शर्करा भी शामिल हो। शोध के मुताबिक स्तनपान कराते समय एक मां का आहार उसके बच्चे के आहार को जीवन में बाद में प्रभावित कर सकता है। वहीं ज्यादा जंक फूड वाला आहार बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है।

 

8. ये भी रखें ध्यान- बच्चे को स्तनपान कराने में मां को क्या खाना है और क्या नहीं, इसका ख्याल भी रखना बेहद जरूरी है। कई बार महिलाओं को प्याज लहसून जैसी चीजों के सेवन के लिए मना किया जाता है। क्योंकि ये बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं। वहीं अगर दूध की सही मात्रा स्तन में नहीं बन रही है तो आपको किसी अच्छे चिकित्सक से स्व्लाह जरुर लेनी चाहिए।

9.शराब/कैफीन

 कैफीन में कॉफी, सोडा, चाय और चॉकलेट सामान्य स्रोत होते हैं। जब आप उनका सेवन करती हैं, तो उस कैफीन में से कुछ मात्रा आपके स्तन के दूध में मिल जाती है। जिससे बच्चे को दिक्कतें हो सकती है। बड़ी मात्रा में  कैफीन या शराब आपके बच्चे के सिस्टम में जमा हो सकता है जिससे बच्चे में चिड़चिड़ापन और नींद आने में परेशानी हो सकती है। अगर आप भी अपने बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो, हर रोज लगभग 300 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन बिलकुल भी ना करें व शराब का तो बिल्कुल नहीं।शोध से इस बात का पता चला है कि शराब पीने के लगभग 30 मिनट के बाद स्तन के दूध में भी एल्कोहल की मात्रा बढ़ जाती है। इसका असर दो से तीन घंटे तक रहता है।

जन्म के बाद हर हर बच्चा अलग होता है। हालांकि उससे जुड़े लक्षण सामान्य ही होते हैं, आपका आहार आपके बच्चे को ना सिर्फ शारीरिक तौर पर बल्कि मंसिल तौर पर भी असर डालता है। अगर बच्चे को खुजली की समस्या के साथ, मल में खून, उल्टी, दस्त, कब्ज़ जैसी समस्याएं सामने आएं तो समझिये आप के आहार में बड़ी लापरवाही हो सही है। जिसका इलाज करना भी बेहद जरूरी है।

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