महिलाओं में स्ट्रोक के कारण, लक्षण और उपचार

मोनिका अग्रवाल

11th March 2021

महिलाओं में स्ट्रोक के कारण लक्षण और उपचार

महिलाओं में स्ट्रोक के कारण, लक्षण और उपचार

स्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है। यह तब होती है जब दिमाग में खून की नसें फट जाती हैं। या खून का थक्का जमा हो जाता है। देखा जाए तो ये समस्या दिमाग में ऑक्सीजन की कमी से होती है। ऑक्सीजन के बिना दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है। और कुछ ही मिनटों के अंदर इंसान की मौत हो जाती है। शोध के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। लेकिन महिलाओं और पुरुषों में स्ट्रोक के लक्षण समान होते हैं। अगर आप समय से इन लक्षणों को पहचान जाएं तो आप इस स्ट्रोक की गंभीर समस्या से खुद को बचा सकती हैं। तो चलिए आज के खास लेख के जरिए हम जानते हैं स्ट्रोक के बारे में पूरी जानकारी।

1. क्या हैं लक्षण- महिलाओं और पुरुषों में स्ट्रोक के लक्षण ज्यादातर समान होते हैं। ये लक्षण क्या है आइये जान लेते हैं।

• बार-बार उल्टी आना।

• कमजोरी महसूस करना।

• थका हुआ महसूस करना।

• सांस लेनी में तकलीफ होना।

• बेहोशी या होश खोने की समस्या होना।

• भ्रम या भटकाव की समस्या होना।

2. क्या हैं स्ट्रोक के प्रकार- जी हां आपको स्ट्रोक के बारे में पूरी जानकारी तभी हो सकेगी जब आप स्ट्रोक के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी रखेंगे। ये जानकारी आपको कैसे मिलेगी ये भी जान लेते हैं।

• थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक

• इंट्रासेरेब्रल स्ट्रोक

• सबाराकनॉइड स्ट्रोक

3. क्या है स्ट्रोक का कारण- स्ट्रोक होने का कारण ज्यादातर स्ट्रोक के प्रकार पर भी निर्भर करता है। क्योंकि दिमाग की नसों के जरिये ही खून अपना काम करता है लेकिन ऑक्सीजन की कमी होने के चलते इससे दिमाग के कुछ हिस्सों में खून का थक्का जम जाता है। ये समस्या स्ट्रोक का कारण बनती है। इसका खतरा कई वजह से और भी बढ़ने लगता है जब हम अपनी दैनिक दिनचर्या में लापरवाही बरतते हैं। तो चलिए अब जान लेते हैं, इसके कारण भी।

• आहार में लापरवाही बरतना।

• नमक का जरूरत से ज्यादा सेवन करना।

• बैड फैट का शरीर में जमा होना।

• शरीर में कोलेस्ट्रॉल का होना।

• शरीर को ज्यादा गतिशील ना बनाना।

• शराब का सेवन करना।

• मादक पदार्थों का सेवन करना।

• आनुवंशिक समस्या होना भी एक कारण।

4. परिवार से भी जुड़ी स्ट्रोक की बीमारी- शोध के मुताबिक हमें कोई कोई बिमारी हमारे परिवार से भी मिलती है। या यूं कहें तो कुछ बीमारियाँ अनुवांशिकी होती है। जो एक उम्र के बाद किसी ना किसी वजह से हमें घेर ही लेते हैं। जो स्ट्रोक का कारण बन जाती है। आपको बता दें हाई ब्लडप्रेशर, हाई कोलेस्ट्रोल, हाई शुगर, दिल की बिमारी आदि। ये बीमारियां हमें आनुवांशिकी हो सकती हैं।

5. क्या है उपचार?- समय से स्ट्रोक का उपचार किया जाना बेहद जरूरी है। अगर आप समय पर इलाज करवा लें तो अपनी जान बचा सकती हैं। तो चलिए जानते हैं, आपको क्या उपचार करना चाहिए और क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

• लक्षणों को देखते हुए तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

• अपने हाई ब्लडप्रेशर की जांच करवाएं।

• अपने दिल की जरूरत को समझें।

• समय समय पर ब्लड शुगर की जांच करवाएं।

• खून की जांच भी करवाती रहें।

• खून में प्लेटलेट की भी जांच करवाएं।

• संतुलित आहार लें।

• हर रोज व्यायाम करें।

• शराब और सिगरेट से दूरी बनाएं।

• वजन को कंट्रोल में रखें।

स्ट्रोक होना बहेड गंभीर समस्या है। हमारे देश में हर पांचवी मौत स्ट्रोक की वजह से होती है। कारण इसके लक्षणों को अनदेखा करना और समय पर डॉक्टर की सलाह ना लेना। लेकिन आप अगर अपनी या किसी अपने की जान बचाना चाहते हैं तो इसके प्रति सतर्क रहिये। आप इसके लक्षणों की पहचान होते ही डॉक्टर की सलाह लें। अपने खानपान में सावधानी बरतें। और योग कीजिए। यह दो मुख्य ऐसे कारण हैं, जिनकी मदद से आप स्ट्रोक से बच सकती है।

स्ट्रोक की समस्या से कोई भी और कभी भी ग्रसित हो सकता है। हालांकि इसके सामान्य लक्षण जानने के बाद आप इसका उचित उपचार कर सकते हैं। लेकिन सही मायनों में स्ट्रोक रिकवरी का अच्छा उपचार प्राकृतिक तरीके से किया जाए तो कहना ही क्या।

स्ट्रोक की समस्या तब होती है जब हमारे दिमाग का एक हिस्सा अपना काम करना बंद कर देता है। साथ ही खून की नसें या तो अंदर ही फट जाती हैं, जो थक्का बनने की वजह से होती है। हमारे शरीर में खून तभी सही तरीके से प्रवाह कर पाएगा जब सही मात्रा में ऑक्सीजन की उपस्थिति हो। इससे बचना मुश्किल होता है अगर आप सही समय पर इस ओर ध्यान न दें। देखा जाए तो ऐसे कई तरीके हैं, जिनकी मदद से आप स्ट्रोक के लक्षणों को पहचान कर कुछ सावधानियां बरत सकते हैं। लेकिन स्ट्रोक से जुड़े इलाज की बात आती है तो स्ट्रोक रिकवरी के लिए प्राकृतिक उपचार से बेहतर कोई दूसरा उपचार हो नहीं सकता। प्राकृतिक इलाज स्ट्रोक में जड़ से राहत दिलाता है, वहीं कृत्रिम इलाज की बात करें तो राहत भी तभी तक रहती है, जब तक उपचार चलता है। उपचार बंद होते ही समस्या फिर से खड़ी हो सकती है। तो चलिए आज हम आपको स्ट्रोक रिकवरी दिलाने के प्राकृतिक उपचार के बारे में बताएंगे। जो आपके बेहद काम आने वाले हैं।

1. आहार में शामिल हो नेचुरल फूड्स- जी हां नेचुरल फूड्स यानि की प्राकृतिक आहार आपकी मील में शामिल हो तो आपके लिए इससे बेहतर कुछ हो ही नहीं सकती। स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के लिए एक हेल्दी और नेचुरल फूड्स काफी महत्वपूर्ण है। आप अपने आहार में ऐसी चीजे शामिल करें जिसमें प्रोटीन हो। प्रोटीन की मदद से ब्रेन बूस्टिंग में मदद मिलती है। इसके अलावा आप क्या कुछ खा सकते हैं वो भी जान लीजिये।

रेड वाइन- शोध के मुताबिक स्ट्रोक रिकवरी के लिए रेड वाइन काफी फायदेमंद होती है। इससे दिमाग काफी अच्छी तरह से चलता है। अगर आप रेड वाइन नहीं पी सकते तो विकल्प में लाल रंग के अंगूर खाएं। ये दोनों ही फायदेमंद हैं।

ब्लू बेरी- ब्लू बेरी में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं। इससे आगे स्ट्रोक होने की परेशानी नहीं होती। और दिमाग में खून का प्रवाह भी काफी अच्छी तरह से होता रहता है।

सैल्मन- इसमें ओमेगा-3 की काफी अच्छी मात्रा पायी जाती है। इससे खून का स्तर सामान्य रहता है और थक्का नहीं जमता।

2.विटामिन भी है जरूरी- हालांकि विटामिन एक ऐसी चीज है जो किसी ना किसी रूप में हमारे लिये बेहद जरूरी होता है। विटामिन के कई स्रोत होते हैं। जिन्हें अलग अलग तरीके से लिए जा सकता है। जो स्ट्रोक रिकवरी के लिए भी काफी जरूरी होते हैं।

विटामिन डी- स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों के लिए विटामिन डी काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि इससे स्टेमिना भी बूस्ट होता है और शरीर की जरूरत भी पूरी होती है।

विटामिन बी-  विटामिन बी से गुड कोलेस्ट्रोल का स्तर शरीर में बढ़ता है। जिससे आगे स्ट्रोक होने का खतरा कम रहता है।

3. क्या हैं हर्बल उपचार ?- स्ट्रोक रिकवरी के लिए प्राकृतिक उपाय की बात करें तो हर्बल उपचार काफी हद तक कारगर होता है। जड़ी बूटी स्ट्रोक के प्रभावों को कम कर देती है। ऐसे कुछ खास हर्बल सप्लीमेंट्स हैं, जिनकी मदद से आप स्ट्रोक की रिकवरी कर सकते हैं।

पैनेक्स गिनसेंग- ये एक चीनी लोकप्रिय जड़ी बूटी है। जो स्ट्रोक को रिकवरी करने में मदद करता है।

बुचांग नोकिस्टिंग- खून को पतला करने के लिए नेचुरल तरीके से ये जड़ी बूटी काम आती है। इससे खून का थक्का नहीं जम पाता। इससे रोगी को काफी हद तक आराम मिलता है।

दान शेन- दिल की बीमारी से पीड़ित रोगियों को स्ट्रोक की समस्या सबसे ज्यादा होती है। दान शेन किसी भी रोग को कम करने में मदद करता है। इसकी सलाह डॉक्टर भी देते हैं।

4. स्ट्रोक से रिकवरी के घरेलू उपचार- स्ट्रोक से रिकवरी के कई घरेलू उपचार हैं, जिनकी मदद से आप आगे आने वाली समस्या से निजात पा सकते हैं। वो क्या हैं आइये जानते हैं।

दर्पण चिकित्साकी मदद से रोगियों में हाथ की गति में सुधार करने में मदद मिलती है।

• शोध के मुताबिकमानसिक अभ्याससे स्ट्रोक रिकवरी करने में मदद मिलती है।

एक्यूपंक्चर की मददसे स्ट्रोक रिकवर करने में काफी जल्दी मदद मिलती है। ये सबसे अच्छा घरेलू उपचार में से एक है।

5. डॉक्टर की सलाह भी जरूरी- स्ट्रोक के रोगी को नेचुलर उपचार के साथ डॉक्टर की सलाह की भी जरूरी होती है। अगर आप नेचुरल उपचार की मदद ले रहे हैं तो आप डॉक्टर के परामर्श को भी साथ लेकर चलें। क्योंकि जरा सी भी लापरवाही आपकी जान तक ले सकती है।

स्ट्रोक रोगियों के लिए खास देख-रेख की जरूरी होती है। साथ ही ये कुछ ऐसे नेचुरल उपाय हैं, जिनकी मदद से आप स्ट्रोक रिकवरी बेहतर तरीके से कर सकती हैं। अगर आप या आपके आस-पास कोई स्ट्रोक से पीड़ित हैं तो आप इन उपाय की मदद से मदद ले सकती हैं।

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